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    लोनिवि की 10 किलोमीटर की सड़क खस्ताहाल

    Published: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST) | Updated: Fri, 02 Dec 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team

    नटेरन। पमारिया तिराहे से लेकर आमखेड़ा सूखा तक की लगभग 10 किमी की सड़क की हालात खस्ता है। इस सड़क से रोजाना सैकड़ों वाहन चालक और स्कूली बच्चे निकलने हैं। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते इस सड़क की ठीक से मरम्मत नहीं हो पा रही है। इस सड़क पर यदि मरम्मत होती है तो वह भी दो-तीन हफ्तों में खराब हो जाती है। इस घटिया काम को लोक निर्माण विभाग के जिला अधिकारी चुपचाप देख रहे हैं और ठेकेदारों को लमसम बिलों का भुगतान कर रहे हैं।

    इस सड़क के क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोग वाहन लेकर गुजरते हैं, लेकिन सड़क काफी घटिया किस्म की होने के कारण इस पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बाइक सवारों को होती है। इसके अलावा स्कूली बच्चे भी लगभग रोजाना ही इस सड़क पर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इस सड़क की खस्ता हालत को लेकर ग्रामीण सीएम हेल्पलाइन तक से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी द्वारा कागजी लीपापोती करके उच्च अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगताना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर मंत्री तक के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक और सांसद भी अफसरों के आगे दबे हुए हैं, इसी कारण अफसरों पर कोई कार्यवाही नहीं होती है।

    मरम्मत के नाम पर होती है खानापूर्ति

    ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क की समय समय पर मरम्मत या पेंच वर्क भी होता रहता है। लेकिन ठेकेदार और ईई की मिलीभगत के चलते सिर्फ लीपापोती हो जाती है और लाखों रुपए के बिलों का भुगतान हो जाता है। ये कार्य भी इतना घटिया होता है कि एकाध हफ्ते में फिर से सड़क की गिट्टी उखड़कर बिखरने लगती है। इस कार्य में ठेकेदार और अफसरों की मौज हो जाती है, लेकिन जनता की समस्या जस की तस रहती है।

    खराब रास्ते पर बच्चे चलाते हैं साइकिल

    मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भले ही बच्चों को भांजे और भांजी मानते हों, लेकिन अफसरों के आगे मामा के भांजे भी मजबूर हैं। उन्हें पढ़ाई करने के गड्ढों से भरे रास्ते पर 10 किलोमीटर तक साइकिल चलाकर जाना पड़ता है। स्कूली बच्चों का कहना है कि उनके मामा शिवराजसिंह चौहान तो सड़क बनाने के लिए बहुत रुपए खर्च कर रहे हैं, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी रुपए डकार रहे हैं। इसी तरह ग्राम पमारिया के रहवासी राजीब दुबे ने बताया की इस सड़क की हालत बहुत खराब हो गई है। रात्रि के समय आए दिन वाहन दुर्घटना के शिकार होते हैं।

    प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना का दिया प्रशिक्षण

    फोटो 16 विदिशा। एसएटीआई में प्रशिक्षण देते हुए विशेषज्ञ।

    विदिशा। एसएटीआई में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा दिए जाने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम का संस्था के स्मार्ट क्लास रूम में शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण चिकित्सकीय देखभाल सेक्टर के अंतर्गत चिकित्सा उपकरण तकनीशियन एवं पूंजीगत वस्तु सेक्टर में सीएनसी प्रोग्रामर के लिए आयोजित किया गया है।

    इस प्रशिक्षण के तहत 400 घंटे में विभिन्न सेक्टरों में 50 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर लाभांवित किया जाएगा। प्रशिक्षणार्थियों का चयन एवं पंजीयन उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर किया गया है। जिसमें सीएनसी प्रोग्रामर के लिए मैकेनिकल में डिप्लोमा एवं चिकित्सा उपकरण तकनीशियन के लिए 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। एसएटीआई विदिशा मध्य प्रदेश का एक मात्र संस्थान है जिसको इन सेक्टरों में प्रशिक्षण शुरू करने की अनुमति राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये संस्था संचालक डा. जेएस चौहान ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रयत्न आपको करना है। तभी कौशल भारत - कुशल भारत सार्थक होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के पूर्व प्रोफेसर डा. बीजी माचवे ने अपने संबोधन में कहा कि आत्मबोध एवं प्रतिबद्धता से ही स्वयं का एवं देश का विकास संभव है। इस प्रशिक्षण के समनवयक प्रो. अंकेश श्रीवास्तव हैं। मंच संचालन एवं आभार प्रो सूरज जैन द्वारा किया गया।

    श्रमदानियों ने रोपे आंवले के पौधे

    विदिशा। एसएटीआई में पिछले एक माह से चल रहे श्रमदान की कड़ी में गुरुवार को श्रमदान के साथ पौधारोपण करने का अभियान भी शुरू किया गया। संस्था संचालक डा. जेएस चौहान, संस्था के पूर्व प्रोफेसर डा. बीजी माचवे ने संस्था के वर्कशाप विभाग के कर्मचारियों के साथ 30 आंवले के पौधे रोपे तथा प्रत्येक कर्मचारी ने अपने नाम का एक-एक पौधा लगाया एवं उसके लालन पालन की जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

    परेशान किसानों ने आवारा मवेशियों को पंचायत परिसर में किया बंद

    मुरबास। ग्राम के लोग लंबे समय से आवारा पशुओं से परेशान है। ये पशु खेतों में घुसकर उनकी फसलों को बर्बाद करते हैं। पशुओं से परेशान किसानों ने बुधवार रात में सौ से अधिक पशुओं को खदेड़कर ग्राम पंचायत परिसर में बंद कर दिया। सुबह जैसे ही पंचायत के कर्मचारी पंचायत पहुंचे तो पशुओं को देखकर वे भी अचरज में पड़ गए।

    ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार आवारा पशु उनकी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। बुधवर की रात में भी खेतों में फसल नष्ट करने के लिए जा रहे पशुओं को किसानों ने घेरा और उन्हें मुरवास पंचायत परिसर में ले गए। किसानों ने इन पशुओं को पंचायत परिसर में घुसा दिया और गेट पर ताला लगा दिया। गुरुवार की सुबह तक पूरे मवेशी पंचायत परिसर में ही बंद रहे। सुबह पंचायत कर्मियों ने पंचायत पहुंचकर पशुओं को भगाया। ग्रामीणों का कहना है कि पशुपालक दूध का तो शौक रखते हैं लेकिन जब जो भी मवेशी दूध देना बंद कर देता है तो चरने के लिए आवारा छोड़ दिया जाता है।

    स्कूली बच्चों को मिली साइकिल

    फोटो 17 नटेरन। स्कूल में हुआ साइकिल वितरण कार्यक्रम।

    नटेरन। शासकीय माडल स्कूल में निशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम रखा गया। जिसमें मुख्य रूप से जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि कमलेश मेहर, बीईओ एनके अहिरवार, मंडल उपाध्यक्ष कमल सिंह धाकड़ उपस्थित हुए। इस अवसर पर प्राचार्य ऊधम सिंह अहिरवार द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान कमलेश मेहर ने कहा की शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अभिनव योजनायएं चलाई जा रही है। सभी शिक्षक बच्चों की पढ़ाई में कहीं कोई कसर न छोड़े। इस दौरान स्कूली छात्र छात्राओं ने विद्यालय में व्याप्त बिजली एवं पानी की समस्या से अवगत कराया। जनपद अध्य्क्ष प्रतिनिधि द्वारा शीघ्र ही समस्याओं के समाधान की बात कही। इस दौरान नटेरन सरपंच सीताराम दिलेरिया, यशपाल रघुवंशी, सचिन तिवारी अमित रघुवंशी, रामनारायण राठौर, देवेन्द्र रघुवंशी, शुभम शर्मा, प्रवीण शर्मा, जयंती रघुवंशी, रूचि शर्मा, रिंकी रघुवंशी, अंजली रघुवंशी, धर्मेन्द्र रघुवंशी सहित स्कूल के सभी शिक्षक मौजूद थे।

    सेपरेट फोटो 18

    कीयोस्क सेंटर पर भी नोटों का टोटा?

    नटेरन। बैंकों और एटीएम में नोट का टोटा चल रहा है। उपभोक्ता जब अपने बैंक एकाउंट से रुपए निकालने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे तो यहां भी उन्हें कैश नहीं मिला। कैश नहीं मिलने पर उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताई।

    और जानें :  # vidisha news
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