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    रात होते ही शुरू हो जाता है अवैध रेत का कारोबार, कार्रवाई नहीं

    Published: Sat, 14 Oct 2017 04:09 AM (IST) | Updated: Sat, 14 Oct 2017 04:09 AM (IST)
    By: Editorial Team

    सौंसर/लोधीखेड़ा। अंधेरी रात का फायदा उठाकर क्षेत्र में अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र में सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रॉलियां रात में अवैध रेत परिवहन से लेकर अन्य गैर कृषि कार्यों के लिए दौड़ रहे हैं, जिससे शासन को राजस्व हानि हो रही है। ऊपर से क्षेत्र की सड़कें उखड़कर गड्डों में तबदील हो रही हैं। वहीं खनिज विभाग इसे लेकर उदासीन बना हुआ है।

    कृषि कार्य के लिए खरीदे गए ट्रैक्टर ट्राली को बिना अनुमति के गैर कृषि कायोर् में उपयोग किया जा रहा है। ट्रैक्टर ट्राली के व्यवसायिक कार्य में उपयोग होने से सडकों पर हादसों की संख्या बढ़ रही है। नगर से लेकर तहसील मुख्यालय तक सैकडों ट्रैक्टर ट्रालीयों से रेत, मुरम सहित अन्य कारोबार के लिए व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है। जिसमें से अधिकांश के पास ट्रैक्टर ट्राली के व्यसायिक उपयोग की परिवहन विभाग से अनुमति नहीं हैं। इस सबंध में जानकारों कि मानें तो ट्रैक्टर ट्राली का व्यवसायिक उपयोग करने के लिए सबंधित विभाग से अलग से अनुमति लेनी होती हैं। यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति के कृषि कार्य के अलावा गैर कृषि कार्य में ट्रैक्टर ट्राली का उपयोग करता है। तो उस पर जुर्माना किया जाता है, लेकिन नगर से लेकर तहसील मुख्यालय में बेखौफ दौड़ रहे ट्रैक्टर ट्राली की न तो कोई जांच की जा रही हैं और न ही अवैध उत्खनन पर लगाम के प्रयास किए जा रहे जबकि अधिकांश क्षेत्रों में बिना अनुमति के ट्रैक्टर ट्रालियों व डंपरों से रेत, गिट्टी, मुरम आदि का रात के अंधेरे में अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा है। सबसे अधिक नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मुरम और रेत का परिवहन हो रहा है। जबकि अधिकांश ट्रैक्टर ट्रालियां ऐसे हैं जिनका कृषि कार्य के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है लेकिन ट्रैक्टर-ट्राली गैर कृषि कार्य में लगी हुई है। जिसकी कोई भी जांच नहीं होती हैं। इतना नहीं ट्रैक्टर-ट्राली तो अवैध रूप से मिट्टी, मुरम खोदकर बेचने का कार्य भी कर रहें हैं। इसी का नतीजा है कि जहां पहले पहाड जैसे टीले नजर आते थे ,वहां अब के वल मैदान रह गए हैं, जबकि लगातार गिट्टी, मुरम, रेत के अवैध तरिके से परिवहन से पहाड व नदीयों का कटाव हो रहा है। यदि प्रशासन अवैध उत्खनन और नियमानुसार परिवहन की जांच करता हैं,तो तहसील में ही ढेरों मामले उजागर हो सकते हैं। जिसमें खासकर कृषि के लिए रजिस्ट्रेशन ट्रैक्टर से गौण संपदा के परिवहन के प्रकरण सबसे ज्यादा सामने आएंगे।

    इनका कहना है

    विभाग द्वारा समय समय पर कार्रवाई की जाती है, आने वाले दिनों में भी कार्रवाई की जाएगी।

    आशालता वैद्य, जिला खनिज अधिकारी

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