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    बेटे के डर से पत्नी ने डेढ़ माह तक छिपाए रखा पति की हत्या का राज

    Published: Tue, 18 Jul 2017 08:23 AM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 02:33 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    विदिशा। अपने ही सगे बेटे ने आंखों के सामने सुहाग उजाड़ दिया। जघन्यता की हद पार करते हुए बेटे ने पिता की लाश को ठिकाने लगा दिया। इसके बावजूद डेढ़ महीने तक पत्नी अपने पति की हत्या को राज बनाए रखी। जब हत्या का खुलासा हुआ तो पत्नी दुहाई दे रही है कि उसने बेटे के डर से मौत के इस राज को उजागर नहीं किया। पत्नी का कहना है कि हत्यारे बेटे ने उसे भी धमकी दी थी कि पिता की तरह ही वह उसे भी मार डालेगा। इसी डर से वह अपने पति की हत्या को छिपाए रखी। पिता की हत्या करने वाला बेटा अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

    फिल्मी सस्पेंस थ्रिलर की तरह मुरवास थाने के ग्राम बरखेड़ा गोसी में बेटे द्वारा पिता की निर्मम हत्या ने रिश्तों को तार-तार कर दिया। हत्यारे बेटे के साथ-साथ उसके भाई और उसकी मां भी इस जघन्य हत्याकांड में मूक दर्शक बने रहे। मालूम हो एक दिन पहले हुए पुलिस खुलासे में पता चला कि बरखेड़ा गोसी निवासी मुकेश ने अपने ही पिता लालसिंह की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को शौचालय के लिए खोदे गए गड्ढे में जला दिया।

    खुलासे के बाद मुरवास पुलिस ने जब मृतक लालसिंह की पत्नी बटनबाई से पूछताछ की तो उसका कहना था कि बेटे के डर से वह पति की हत्या की जानकारी किसी को नहीं दे पाई। उसका कहना था कि बेटे की धमकी से वह बुरी तरह डर गई थी। चाहकर भी वह इस घटना का जिक्र किसी से नहीं कर पाई। मुरवास थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी के मुताबिक मृतक की पत्नी ने न केवल राज छिपाया बल्कि पुलिस को गुमराह करने का भी काम किया।

    मृतक लालसिंह की हत्या के 12 दिनों बाद बटन बाई अपने बेटे के साथ पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट कराने थाने पहुंची थी। उन्होंने बटनबाई के हवाले से बताया कि अब वह इसका कारण भी बेटे की धमकी बता रही है। उसका कहना था कि बेटे ने ही उसे जबरदस्ती पुलिस थाने भेजा था। त्रिपाठी के मुताबिक आरोपी मुकेश के खिलाफ हत्या का मामला कायम किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक दो दिनों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    भतीजे ने खून न देखा होता तो कभी न खुलता राज

    क्रिमिनल माइंड के आरोपी की तर्ज पर की गई इस हत्या का राज कभी न खुलता यदि पड़ोसी भतीजे ने घर के आंगन में खून के दाग न देखे होते। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतक लालसिंह का भतीजा सरदारसिंह पास में ही रहता है। घटना के दिन वह एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गया था। जब लौटकर घर आया तो चाचा से मिलने के लिए उनके घर गया। उसे चाचा तो नहीं मिले लेकिन आंगन में खून के धब्बे दिखाई दिए।

    उसने परिवारजनों से इस बारे में पूछताछ भी की लेकिन किसी ने भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इसके बाद उसने मृतक के दूसरे बेटे हरिनारायण से कई दिनों तक पूछताछ की। इसके बाद हरिनारायण ने उसे हकीकत बताई। जिस पर वह हरिनारायण को लेकर पुलिस थाने पहुंचा और उसने पुलिस को चाचा की हत्या की जानकारी दी।

    गंगा की बजाए थाने पहुंची अस्थियां

    मृतक के बड़े बेटे मुकेश ने घर के आंगन में शव जलाने के बाद उसकी राख तो बोरे में भरकर मदागन के कुण्ड में विसर्जित कर दी थी,लेकिन उसके दांत आदि अन्य अस्थियों को इलाहबाद स्थित गंगा में विसर्जित करने वाला था। इन अस्थियों को उसने घर से दूर एक पेड़ के पास छिपा रखा था। सोमवार को पुलिस ने इस अस्थियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इलाहबाद जाने वाली अस्थियों को पुलिस ने जब्त कर दिया है। अब इसे जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजा जाएगा।

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