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    फिर पुराने रंग में लौटेगा नासिक में बना अहिल्या बाई होल्कर का रंग महल

    Published: Fri, 21 Oct 2016 02:49 PM (IST) | Updated: Fri, 21 Oct 2016 02:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
    rang mahal 21 10 2016

    नासिक। होल्‍कर साम्राज्‍य की महारानी देवी अहिल्‍या बाई होल्‍कर के समय में बना नासिक का होल्‍कर वाड़ा या रंग महल जल्‍द अपने पुराने रंग में लौटेगा। काफी जद्दो जहद के बाद ब्‍यूरोक्रेट्स के पंजो से छूटे इस वाड़े को अब आर्कियोलॉजी विभाग देख रहा है और इसकी मरम्‍मत का काम शुरू करेगा।

    एक अंग्रेजी वेबसाइट के अनुसार 18वीं सदी में मालवा की महारानी अहिल्‍या बाई होल्‍कर का घर रहा रंग महल नासिक के चंदवाड में स्थित है। अब तक यह जगह टूरिज्‍म मैप से गायब था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

    स्‍टेट आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट के असिस्‍टेंट डायरेक्‍टर श्रीकांत घरपुरे के अनुसार पहले चरण में हम वाड़े के स्‍ट्रक्‍चर को ठीक करेंगे और उन हिस्‍सों को संरक्षित करेंगे जो कमजोर हो गए हैं। एक बार यह जगह टूरिस्‍ट सर्किट का हिस्‍सा बन जाए फिर हम इसे आगे बेहतर करने का काम करेंगे।

    डिपार्टमेंट में असिस्‍टेंट रमेश कुलकर्णी के अनुसार वक्‍त के साथ डिपार्टमेंट इसे अहिल्‍या बाई होल्‍कर की जिंदगी की कहानी सुनाते संग्रहालय के रूप में विकसित करेगा। इसके अलावा यहां लाइट एंड साउंड शो भी किया जाएगा।

    100 बाय 100 मीटर के इलाके में फैले इस वाड़े में एक स्‍टेप वॉल है वहीं उत्‍तर और दक्षिण में दो चौक और एक बड़ा वेयर हाउस भी है जहां उस समय अन्‍न रखा जाता था। यहां उस समय की मराठा पेंटिंग और दूसरे चित्र भी मौजूद हैं लेकिन उनमें से कुछ ही अच्‍छी स्थिति में बचे हैं। कहा जाता है कि होल्‍कर ने इस वाड़े के नीचे सुरगों का जाल भी है जो कई महत्‍वपूर्ण जगहों मसलन देवी रेणुका के मंदिर तक जाता है।

    दो दशक पहले तक यह जगह सरकारी ऑफिस के लिए थी। यह एक एतिहासिक जगह है जो होल्‍कर काल के इतिहास के चलते इसे और महत्‍वपूर्ण बना देता है।

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