Naidunia
    Saturday, August 19, 2017
    PreviousNext

    GST : वित्‍तीय सेवाओं में लगने वाली फीस में इजाफे के आसार

    Published: Sat, 20 May 2017 05:22 PM (IST) | Updated: Sun, 21 May 2017 07:50 AM (IST)
    By: Editorial Team
    gst-goa 20 05 2017

    मुंबई। सरकार द्वारा जीएसटी के तहत 18 प्रतिशत कराधान के निर्णय के बाद अब वित्‍तीय सेवाओं में लगने वाले शुल्‍क के और महंगा होने के आसार हैं।

    इन सेवाओं पर अभी तक 15 फीसदी कर लगता था और करों की दर बढ़ने का मतलब होगा कि प्रति व्‍यक्ति पर सौ पर तीन रुपए का अतिरिक्‍त भार आएगा, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।

    केपीएमजी में अप्रत्‍यक्ष कर प्रमुख सचिन मेनन कहते हैं कि वित्‍तीय संस्‍थाएं अधिक संख्‍या में लेनदेन करने वाली कंपनियों की ओर से इन करों को झेल लेंगी लेकिन व्‍यक्तियों को निश्चित ही अधिक चुकाना होगा।

    हालांकि यह मांग पर अधिक प्रभाव करने वाला है। सरकार ने जीएसटी के तहत आने वाले विभिन्‍न करों के अंतर्गत 1211 चीजों को श्रेणीबद्ध किया है।

    करों की दरों की विशाल सीमा 5 से 28 प्रतिशत है जिसमें दूध, अंडे, ताजे फल, सब्जियां, ताजा मांस, मछली, चिकन, स्‍टाम्‍प, न्‍यायिक कागजात, प्रिंटेड किताबें, अखबार आदि है जो कि छूट के दायरे में हैं। 18 प्रतिशत के कर के दायरे में बड़ी संख्‍या में वस्‍तुए हैं।

    वित्‍तीय सेवाओं में एसी होटल्‍स जिनमें अल्‍कोहल परोसा जाता हो, टेलीकॉम और आईटी सेवाएं, ब्रांडेड गारमेंट, फ्लैवर्ड रिफाइंड शुगर, पास्‍ता, कार्न फ्लैक्‍स, पेस्‍ट्रीज और केक, प्रीजर्व सब्जियां, जैम, सॉस, सूप, आइसक्रीम, इंस्‍टेंट फूड मिक्‍स, मिनरल वॉटर, टिश्‍यू, लिफाफे और नोटबुक शामिल हैं।

    मेनन ने बताया कि मौजूदा हालातों में यह एक संतुलित प्रक्रिया है। यहां तक कि बीमा प्रीमियम भी पॉलिसी के ढांचे पर निर्भर होगी और कितनी प्रीमियम बनती है, उसका वर्गीकरण भी किए गए निवेश पर आधारित होगा।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें