Naidunia
    Tuesday, October 24, 2017
    PreviousNext

    Video Story: जाना चाहते हैं अमरनाथ, तो ऐसे करें तैयारी

    Published: Sat, 20 May 2017 07:06 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 07:11 AM (IST)
    By: Editorial Team
    amarnath yatra 20 05 2017

    मल्टीमीडिया डेस्क। बाबा अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है। 'पहले आओ-पहले पाओ' की तर्ज पर 30 मई तक रजिस्ट्रेशन होगा। यात्रा 29 जून से शुरू होकर 7 अगस्त यानी रक्षाबंधन तक चलेगी। मौसम और आतंकी हमलों की चुनौतियों को देखते हुए श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। एक नजर यात्रा से जुड़ी जरूरी बातों पर -

    रजिस्ट्रेशन: 1 मार्च से शुरू हुई पंजीयन प्रक्रिया 30 मई तक चलेगी। यह पंजीयन देशभर में पंजाब नेशनल बैंक की 306, जम्मू एंड कश्मीर बैंक की 87 और यस बैंक की 40 शाखाओं (कुल 433 शाखाओं) पर हो रहा है। www.shriamarnathjishrine.com से रजिस्ट्रेशन फॉर्म डाउनलोड किए जा सकते हैं। फॉर्म के साथ अधिकृत डॉक्टर का हेल्थ सर्टिफिकेट और चार पासपोर्ट साइज फोटो (तीन यात्रा परमिट के लिए और एक आवेदन फॉर्म के लिए) जरूरी हैं। यह पूरी तरह फ्री है। अधिकांश लोग ग्रुप में रजिस्ट्रेशन करवाते हैं। ग्रुप रजिस्ट्रेशन में कम से कम 5 यात्री होना जरूरी है। ग्रुप रजिस्ट्रेशन के लिए 150 रुपए शुल्क रखा गया है। इसमें डाक खर्च शामिल नहीं है। अब तक करीब एक लाख लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पिछले साल 2.20 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।

    कौन नहीं कर सकते यात्रा: 13 वर्ष से कम या 75 वर्ष से ऊपर के नागरिक। छह सप्ताह से ज्यादा गर्भ वाली महिलाएं।

    रूट: यात्रा के दो रूट हैं- बालटाल और चंदनवाड़ी। दोनों रूट पर एक साथ यात्रा चलेगी। रोजाना 7500-7500 श्रद्धालुओं को दोनों रूटों से रवाना किया जाएगा। हालात देखते हुए इस संख्या में बदलाव होता रहता है। बालटाल और चंदनवाड़ी तक बस या टैक्सी से पहुंचा जा सकता है। आगे का सफर पैदल तय करना होगा।

    कैसे पहुंचे: पहला रूट - जम्मू से पहलगाम (315 किमी) और पहलगाम से चंदनवाड़ी (16 किमी) का रास्ता टैक्सी या बस से तय किया जा सकता है। इसके बाद का करीब 28 किमी का सफर पैदल तय करना होगा।

    दूसरा रूट - यह थोड़ा मुश्किल है। इसमें जम्मू से श्रीनगर (262 किमी) होते हुए बालटाल (61 किमी) पहुंचा जा सकता है। इसके बाद 14 किमी की चढ़ाई वाला हिस्सा ट्रैकिंग करते हुए पार करना होता है।

    खान-पान का बंदोबस्त: पूरे रास्ते चाय स्टाल और छोटे रेस्त्रां हैं। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ बिस्किट, टॉफी जैसी चीजें लेकर चलें। ठंड से बचाने के लिए लकड़ी या गैस भी सहज उपलब्ध है।

    नहीं चलेंगे मोबाइल: यात्रा के दौरान मोबाइल नहीं चलेंगे। आतंकी हमलों से बचने के लिए मार्ग पर 20 जैमर लगाए गए हैं।

    इस बार सस्ती है हेलिकॉप्टर सेवा: अमरनाथ यात्रा के लिए हेलिकॉप्टर की ऑनलाइन बुकिंग जारी है। इस बार यह सेवा कुछ सस्ती है। नीलग्रथ-पंजतरिणी सेक्टर के लिए एकतरफा यात्री किराया 1715 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है, वहीं पहलगाम-पंजतरणी मार्ग के लिए 2950 रुपये प्रति व्यक्ति किराया रहेगा।

    एक लाख का बीमा: श्राइन बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार हर रजिस्टर्ड यात्री का एक लाख रुपए का बीमा है।

    खुद को यूं करें तैयार: बाबा अमरनाथ के दर्शक की इच्छा रखने वालों को एक माह पहले से तैयारी शुरू कर देना चाहिए। श्रद्धालु एक माह पहले से सुबह और शाम चार से पांच किमी पैदल करना शुरू कर दें। शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने वाले प्राणायाम करें।

    ये सामान लेना न भूलें: गर्म कपड़े, छोटा छाता जिसे बेल्ट से सिर पर लगाया जा सके, विंडचीटर, रेनकोट, वाटरप्रूफ ट्रैकिंग जूते, टॉर्च, छड़ी, मंकी कैप, ग्लब्स, जैकेट, ऊन के मोजे, वाटरप्रूफ ट्राउजर।

    महिलाओं के लिए खास: यात्रा में शामिल होने वाली महिलाओं को साड़ी नहीं पहनने की सलाह दी गई है। उनके लिए सलवार कमीज, पैंट-शर्ट अथवा ट्रैक सूट सुविधाजनक रहेंगे।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें