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    बागपतः यमुना में नाव डूबने से 20 की मौत, CM योगी ने की मुआवजे की घोषणा

    Published: Thu, 14 Sep 2017 09:25 AM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 09:01 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    बागपत। उत्तर प्रदेश के बागपत में गुरुवार को यमुना नदी में नाव पलटने से 19 लोगों की मौत हो गई। काठा गांव से क्षमता से अधिक 65 लोग नाव में सवार होकर हरियाणा जा रहे थे। 19 लोगों को बचा लिया गया जबकि, 27 को देर शाम तक एनडीआरएफ व पीएसी के गोताखोरों की टीम तलाशने में नाकाम रही।

    अफसरों के देरी से पहुंचने पर भड़के ग्रामीणों ने शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज करने पर लोगों ने पथराव करते हुए डीएम व एएसपी को दौड़ा लिया। दोनों ओर से हवाई फायरिग भी की गई।

    महिला हेल्प लाइन के वाहन समेत तीन को फूंक दिया गया। बागपत मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर स्थित काठा गांव से 65 महिला-पुरुष सुबह सात बजे मजदूरी के लिए यमुना नदी पार कर हरियाणा जा रहे थे।

    नाव में यूरिया की दस बोरी भी रखी गई थी। कुछ दूर चलने पर ज्यादा वजन से नाव एक तरफ झुक गई और पानी भरने लगा। नाविक ने कुछ लोगों को उतारने के लिए नाव वापस करने की कोशिश की, तो नाव पलटकर डूब गई। नाविक तो कूदकर तैरते हुए बाहर निकल गया लेकिन बाकी लोग नदी में समाते चले गए।

    बागपत से पहुंचे गोताखोर और गांव के लोगों ने तुंरत राहत व बचाव कार्य करते हुए 19 लोगों को बेहोशी की हालत में निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। बारह बजे तक 19 लोगों के शव भी बरामद हो गए।

    हादसे के दो घंटे बाद भी अफसरों के न पहुंचने से नाराज ग्रामीणों ने दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे जाम कर दिया। डीएम भवानी सिह खंगारौत ने समझाकर जाम तो खुलवा दिया लेकिन पोस्टमार्टम के लिए शवों को नहीं उठाने दिया।

    भीड़ ने फिर से हाईवे पर शवों को रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो हालात बिगड़ते चले गए। पथराव में बागपत कोतवाल व छह महिला सिपाहियों समेत कई लोग घायल हो गए।

    कमिश्नर डा. प्रभात कुमार व आइजी रामकुमार साढ़े 12 बजे मौके पर पहुंचे। दोनों के बवालियों पर कोई कार्रवाई न करने और मुआवजा दिलाने के आश्वासन पर ही भीड़ ने जाम खोला।


    शबनम का जज्बा देख आंखें हुई नम

    डूबने से युवती शबनम के पिता इलियास और बहन मोहसिना की मौत हो गई, लेकिन वह बच गई। इसके बावजूद अपना गम भूल उसने डूबे हुए कई लोगों को बाहर निकालने में मदद की।


    रेत के खनन से बने मौत के कुंड

    ग्रामीणों के मुताबिक, यहां अवैध खनन चरम पर होने से यमुना में कुंड बन गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि कई लोग इन कंुड में समा गए। इसीलिए गोताखोर तलाश नहीं पा रहे।

    हरियाणा में उप्र की अपेक्षा दिहाड़ी के बीस रुपये ज्यादा मिलते हैं। बीस रुपये अधिक मजदूरी मिलने की उम्मीद इन्हें रोजाना यमुना पारकर मौत से खेलने के लिए मजबूर करती थी।


    मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख का मुआवजा

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा व जिले के प्रभारी मंत्री एसपी बघेल देर शाम काठा गांव पहुंचे।

    राणा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। केंद्रीय राज्य मंत्री डा. सत्यपाल सिंह व पूर्व सांसद अजित सिंह ने भी गांव पहुुंचकर हादसे पर दुख जताया।

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