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    अदालत में ही शौहर ने बोला - तलाक, तलाक, तलाक और बीवी हुई बदहवास

    Published: Mon, 17 Apr 2017 08:23 PM (IST) | Updated: Tue, 18 Apr 2017 10:49 AM (IST)
    By: Editorial Team
    triple talaq 17 04 2017

    गोंडा। दीवानी परिसर स्थित परिवार न्यायालय में गुजारा भत्ते से जुड़े मामले की पेशी के दौरान सोमवार को तीन तलाक का मामला सामने आया है। अदालत में शौहर अपनी बीवी को तलाक देकर भाग गया। घटना के बाद महिला बदहवास हो गई। डेढ़ साल की बच्ची को ताकते हुए उसके आंसू थम नहीं रहे थे।

    रुकैया खातून का निकाह 8 नवंबर, 2014 को महफूज अहमद पुत्र महमूद अहमद निवासी पटेलनगर के साथ हुआ था। निकाह के एक माह बाद ही दहेज में बाइक, सोने की चेन तथा नकदी आदि न मिलने के कारण ससुराल में रुकैया का उत्पीड़न शुरू हो गया।

    रुकैया की मानें तो उसका खाना-पानी बंद कर दिया गया। उसे पीटा भी जाता था। जब वह पांच माह की गर्भवती थी तो उसे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। इस मामले में 10 जून, 2015 को पति समेत छह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया।

    यही नहीं, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय में गुजारे भत्ते की अर्जी दी। सोमवार को इस मामले की पेशी थी। दोनों पक्ष अदालत पहुंचे। वहां पर महफूज ने अदालत में अपनी बीवी को तलाक दे दिया।

    "मेरी जिदगी बर्बाद हो गई है। यह कैसा हो सकता है। मेरी डेढ़ साल की बेटी है। अब मैं उसे लेकर कहां जाऊं। उसकी गुजर-बसर कैसे करूं। मुझे न्याय चाहिए।" - रुकैया खातून, पीड़ित महिला

    "कोर्ट में इस तरह तीन बार तलाक कह देना नाजायज व गैर शरई है। बोर्ड ने पहले ही कहा है कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। पीड़ित महिला संपर्क करती है तो जहां उसका पति रहता है, वहां की मस्जिद में इसकी घोषणा करायी जाएगी। पति का सामाजिक बहिष्कार कराया जाएगा। उस क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति तलाक देने वाले से रिश्ता नहीं रखेगा।" - मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, सदस्य, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

    शौहर ने कोर्ट के माध्यम से मांगा तलाक

    फैजाबाद। उच्चतम न्यायालय से लेकर पूरे देश में बहस का विषय बने तीन तलाक के मुद्दे का असर आम मुसलमानों पर पड़ने लगा है। एक शौहर ने तीन तलाक कहकर पत्नी से छुटकारा लेने के बजाय अदालत की शरण ली है।

    पारिवारिक न्यायाधीश विश्वनाथ ने मुकदमा दर्ज कर याची की पत्नी को नोटिस जारी की है। याची मोहम्मद शमीम ने अदालत में दी गई तलाक की अर्जी में कहा है कि वह चाहता तो तलाक तलाक तलाक कह कर भी पत्नी से रिश्ते को समाप्त कर सकता था। अदालत के जरिये तलाक लेना न्याय संगत होगा।

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