Naidunia
    Monday, November 20, 2017
    PreviousNext

    करते हैं अगर खुद का इलाज, तो आपकी आंखें हो सकती हैं नासाज

    Published: Wed, 13 Sep 2017 12:10 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 11:07 AM (IST)
    By: Editorial Team
    dry-eyes1 new 2017913 153125 13 09 2017

    पणजी। सर्दी-खांसी, हल्का बुखार और बदन दर्द जैसी छोटी-मोटी बीमारियों का इलाज हम खुद ही डॉक्टर बनकर करते हैं। मगर ये आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है, कम से कम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने एक अध्ययन से तो यही नजर आ रहा है।

    स्टडी में डॉक्टर्स ने दावा किया है कि घरेलू उपचार और बिना चिकित्सक की सलाह दवाओं के इस्तेमाल से देश में आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आंखों में संक्रमण और अल्सर होने का प्रमुख कारण यही है।

    हरियाणा के गुरुग्राम के ग्रामीण क्षेत्रों में 25 अलग-अलग चयनित समूहों में लोगों द्वारा उपयोग की जाने वाली आंखों की दवाइयों और उपचार के अन्य तरीकों के विस्तृत सर्वे के बाद शोधकर्ता इस नतीजे पर पहुंचे हैं।

    अध्ययनकर्ताओं के अनुसार, ग्रामीणों में आंखों में पानी आना, आंखें लाल होना, खुजलाहट, दर्द, जलन और कम दिखने जैसी शिकायतें ज्यादा पाई जाती हैं। चिकित्सकों के अनुसार,आंख की पुतली की रक्षा करने वाले आंख के सफेद भाग (कार्निया) में संक्रमण को मोतियाबिंद के बाद अंधेपन का प्रमुख कारण माना जाता है।

    इससे अनजान अधिकतर ग्रामीण आज भी घरेलू उपचार के साथ ही एक्सपायर्ड दवाओं, बिना लेबल वाली स्टेरॉइड आई ड्राप्स का प्रयोग करते हैं।

    घरेलू उपचार में उपयोग की जाने वाली दवाएं पौधों के सूखे भागों, दूध, लार और मूत्र आदि से तैयार की जाती हैं। सर्वे में पाया गया कि 25 फीसद से ज्यादा ग्रामीण आंखों में सुरमा, काजल, शहद, घी, गुलाब जल जैसे उत्पादों का उपयोग करते हैं। आंखों के उपचार के लिए प्रयोग की जाने वाली दवाओं में 26 फीसद स्टेरॉइड, 21 फीसद एक्सपायर्ड एवं बिना लेबल की दवाएं और 13.2 फीसद घरेलू दवाएं शामिल हैं।

    नेत्र संबंधी विभिन्न बीमारियों में 18 फीसद लोग नेत्र विशेषज्ञों से परामर्श बिना ही इलाज करते हैं। ऐसा करने से आंखों मे अल्सर होने की आशंका बढ़ जाती है। सर्वे से एक और अहम बात सामने आई है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आंखों में अल्सर होने, उसका पता लगने और उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक दवाएं सबसे बड़ा कारण होती हैं।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें