Naidunia
    Friday, November 24, 2017
    Previous

    ग्लोबल वार्मिंग : ग्लेशियर पिघलने से हिमाचल में बनी 109 नई झीलें

    Published: Thu, 14 Sep 2017 10:42 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 10:56 PM (IST)
    By: Editorial Team
    globalwarming 14 09 2017

    शिमला। ग्लोबल वार्मिंग का असर हिमाचल में भी दिखने लगा है। प्रदेश में ग्लेशियर तेजी से पिघलने लगे हैं। ग्लेशियर तेजी से पिघलने के कारण दो साल में प्रदेश में पांच नदियों के आसपास के क्षेत्र में 109 नई झीलें बन गई हैं। ग्लेशियर तेजी से पिघलने के कारण नदियों का प्रवाह भी तेज हुआ है। इससे भूक्षरण तेजी से हो रहा है।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कुनाल सत्यार्थी ने प्रदेश के वेटलैंड यानी प्राकृतिक झीलों को सिकुड़ने से बचाने के लिए शिमला में आयोजित कार्यशाला में बताया कि दो साल पहले तक 596 प्राकृतिक झीलें थीं और अब 705 हो गई हैं।

    विभाग ने इसका सर्वेक्षण रिमोट सेंसर के माध्यम से किया है। उन्होंने बताया कि चिनाब नदी के आसपास के क्षेत्रों में सबसे अधिक प्राकृतिक झीलें बनी हैं। हालांकि सतलुज पर पिछले वर्षों के दौरान एक ही प्राकृतिक झील बनी है, जिसका कोई खास असर सतलुज पर नहीं पड़ेगा।

    रिपोर्ट के मुताबिक नई झीलों का क्षेत्र एक या दो हेक्टेयर से अधिक नहीं है और 10 हेक्टेयर की झील बन जाने के बाद ही खतरा पैदा होता है।

    सिकुड़ते वेटलैंड को बचाने के लिए बनेगी योजना

    ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने से नदियों में गाद की मात्रा बढ़ी है। यही गाद वेटलैंड में पहुंच रही है और इससे वेटलैंड सिकुड़ने लगे हैं। वेटलैंड को बचाने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से शिमला में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विशेषज्ञों के सुझावों पर वेटलैंड को बचाने के लिए प्रारूप तैयार होगा।

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सीएसओ कुनाल सत्यार्थी ने कार्यशाला में बताया कि प्रदेश में चंद्रताल, खजियार, रेणुका जी, रिवालसर और पौंग डैम वेटलैंड हैं, जिनमें से कुछ सिकुड़ रहे हैं। इसकी वजह ग्लेशियरों का पिघलना है। अब वेटलैंड के लिए एकीकृत प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है।

    इसमें झीलों में साफ पानी का प्रवेश और क्षमता से अधिक भरने पर निकासी दोनों की ओर ध्यान देने की जरूरत है। खजियार में बाहर से पानी के साथ आई गाद के कारण झील सिकुड़ रही है। खजियार के आसपास रह रहे लोगों का रोजगार इसी झील के सहारे चलता है। वहां के लोगों ने भी विभाग से मांग की है कि ऐसी योजना तैयार हो जिससे उनके रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें