Naidunia
    Thursday, March 23, 2017
    PreviousNext

    राज्यपाल ने पढ़ाया योगी सरकार को सुशासन का पाठ

    Published: Tue, 21 Mar 2017 12:17 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 12:21 AM (IST)
    By: Editorial Team
    ramnaik-500 21 03 2017

    लखनऊ राज्यपाल राम नाईक ने सोमवार को अपने आवास पर जलपान के लिए निमंत्रित योगी मंत्रिमंडल को सुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने इस दौरान अपने लंबे राजनीतिक जीवन के अनुभव भी साझा किए और उन कमियों के बाबत चेताया भी जो किसी सरकार की छवि को प्रभावित करती हैं।

    राजभवन में जलपान पर आमंत्रित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों से परिचय की औपचारिकता निभाते हुए राज्यपाल नाईक अध्यापक की भूमिका में आ गए। उन्होंने कहा कि जनता का जितना अधिक समर्थन व शक्ति मिलती है, उतनी ही जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

    कोशिश करें कि जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें और उनके प्रति अपनी जवाबदेही तय करें। सामाजिक जीवन में अपने व्यवहार में शुचिता लायें।

    राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने का सबका सपना पूरा करने के लिये नयी सरकार प्रयास करे। राज्यपाल के आमंत्रण पर सोमवार शाम पांच बजे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा सहित मंत्रिमंडल के सदस्य और भाजपा के कुछ पदाधिकारी राजभवन पहुंचे।

    नाईक ने सबका परिचय प्राप्त कर उन्हें शाल व अपनी पुस्तक 'चरैवेति! चरैवेति!!' की प्रति देकर सम्मानित करने के बाद अपने राजनैतिक जीवन के संस्मरण तथा राज्यपाल पद के अपने अनुभव सुनाए।

    अपेक्षाओं पर खरा उतरने का रहेगा प्रयास : संसद में तकरीबन सात वर्ष तक राम नाईक के साथ रहे मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने राज्यपाल की कार्यप्रणाली का समर्थन करते हुये कहा कि नाईक के लम्बे राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन से बहुत कुछ सीखने की प्रेरणा मिलती है।

    मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की प्रशंसा करते हुये कहा कि संसद में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत के गायन की शुरुआत नाईक के प्रयास से शुरू हुई। विकास के लिए सांसद निधि की स्थापना तथा उसके उपयोग संबंधी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका का भी उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि उनकी सरकार सुशासन और जनता की अपेक्षा पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी।

    राम नाईक की सीख

    - पत्रों का जवाब खुद के हस्ताक्षर से दें।

    -पत्रों पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें।

    - तय समय में काम न हो तो अनुस्मारक पत्र लिखें।

    - जहां तक संभव हो फोन को स्वयं उठाएं।

    - कहीं व्यस्त होने पर काल बैक करें।

    - आम जनता से लगातार संवाद रखें।

    - व्यवहार व कार्य में पारदर्शिता रखें।

    - पहले से तैयारी कर समय पर काम पूरा करें।

    -पद की गरिमा जरूर बनाए रखें।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी