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    20 दिन बाद 20 मिनट के लिए मां से मिला कैद काट रहा गुरमीत

    Published: Thu, 14 Sep 2017 10:47 PM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 10:52 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    रोहतक। साध्वियों से दुष्कर्म मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहे गुरमीत से मिलने गुरुवार को उसकी मां नसीब कौर पहुंची। दोनों की करीब 20 मिनट की आमने-सामने मुलाकात हुई।

    बता दें कि गुरमीत ने जेल प्रशासन को दस लोगों के नामों की सूची दी थी, लेकिन अभी तक कोई उससे नहीं मिलने पहुंचा था। 82 वर्षीय नसीब कौर गुरुवार दोपहर करीब 3.10 बजे रोहतक पहुंची।

    जेल से करीब 200 मीटर बेरीकेट््‌स पर पूरी जानकारी लेने के बाद नसीब कौन की कार को मुख्य गेट के समीप तक ले जाया गया। न तो सही तरीके से चल पा रही थी और न ही अपने सहारे से खड़ी हो पा रही थी।

    जेल प्रबंधन को नसीब कौर के यहां पहुंचने की सूचना पहले से ही थी। जेल प्रशासन के रजिस्टर में उन्होंने अपना पता राजस्थान के गंगानगर जिला के गांव गुरसर मोड़िया निवासी के रूप में दर्ज कराया। सूत्रों की मानें तो गुरमीत को करीब 3.35 बजे बैरक से बाहर निकाला गया।

    मां को देखकर उसकी आंखों में आंसू आ गए। वह अपनी मां को गले मिलना चाहता था, लेकिन जेल में शीशे की दीवार आड़े आ गई।

    राम रहीम ने करीब 20 मिनट तक अपनी मां से मुलाकात की, लेकिन इस दौरान दोनों के बीच बहुत कम बातचीत हुई। बताया जाता है कि दोनों मां-बेटा एक-दूसरे को देखकर रोते रहे।

    करीब 4.02 बजे नसीब कौर आंसू पोंछते हुए जेल से बाहर निकली और वह गाड़ी में बैठकर हिसार की तरफ रवाना हो गई। सुरक्षा एजेंसियां इस दौरान पूरी तरह से अलर्ट रही।

    नसीब कौर के साथ कार में था केवल ड्राइवर : गुरमीत की मां नसीब कौर को बठिंडा के भारत नगर के बीबी चौक निवासी इकबाल सिह कार में लेकर पहुंचा। जेल प्रशासन ने दोनों की कागजात की गहनता से जांच की और इसके बाद ही कार को आगे जाने दिया।

    सुनारिया जेल में फिर लग सकती है सीबीआइ अदालत

    रामचंद्र छत्रपति और रणजीत हत्याकांड में गुरमीत की पेशी को लेकर 16 सितंबर को एक बार फिर सुनारिया जेल में ही सीबीआइ की अदालत लग सकती है।

    हालांकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से पेशी कराने की संभावना अधिक है। जेल प्रशासन की तरफ से दोनों ही तरीके से सुनवाई की तैयारियां कर रखी है।

    बता दें कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रणजीत सिह हत्याकांड में पंचकूला की सीबीआइ अदालत में 16 सितंबर को फाइनल बहस होनी है। गुरमीत भी इस मामले में भी अभियुक्त है।

    सीबीआइ अदालत में सुनवाई के लिए राम रहीम का पेश होना अनिवार्य है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण सुरक्षा कारण आड़े आ रहे हैं। ऐसे में दो ही विकल्प पेशी के लिए बचे हैं।

    एक तो जेल में ही अस्थायी अदालत लगाकर जज सुनवाई करने आएं और दूसरा वीड़ियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए गुरमीत की पेशी हो। यह जज के ऊपर है कि सुनवाई कैसे करनी है।

    बड़ी बेटी चरणप्रीत से बात करना चाहता है गुरमीत

    गुरमीत अब अपने परिजनों से बातचीत करना चाहता है। उसने जेल प्रशासन के समक्ष अपनी बड़ी बेटी चरणप्रीत के साथ-साथ डेरे के चेयरपर्सन विपसना इंसां से बातचीत की इच्छा जताई है।

    जेल प्रशासन की ओर से दोनों फोन नंबरों की वेरीफिकेशन के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    बता दें कि जेल प्रशासन दो नंबरों पर ही बातचीत की सुविधा उपलब्ध करवाता है। प्रत्येक नंबर पर यह बातचीत पांच मिनट की रहेगी और इसके बाद काल डिस्कनेक्ट हो जाएगी।

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