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    अब LPG की तरह पेट्रोल-डीजल की भी होम डिलीवरी, सरकार कर रही तैयारी

    Published: Fri, 21 Apr 2017 09:55 PM (IST) | Updated: Sat, 22 Apr 2017 07:15 AM (IST)
    By: Editorial Team
    petrol diesel 21 04 2017

    नई दिल्ली। आपकी गाड़ी में ईंधन खत्म है और इस चिलचिलाती गर्मी में आप पेट्रोल-डीजल के लिए किसी पेट्रोल पंप पर नहीं जाना चाहते। कैसा हो अगर आप नजदीक के पेट्रोल पंप पर फोन करें और आपको कुछ ही मिनटों में मनमाफिक पेट्रोल या डीजल घर पर ही डिलीवर कर दिया जाए।

    जी हां, सरकार पेट्रोल व डीजल की होम डिलीवरी सेवा शुरू कर सकती है। केंद्र की योजना यह है कि छोटे छोटे डिस्पेंसरों (पेट्रोल व डीजल देने वाली मशीन) को ग्राहकों के घर पर भेजकर उन्हें ईंधन उपलब्ध कराया जाए। वैसे सरकार की यह राय देश के पेट्रोल पंपों को रास नहीं आई है। उन्होंने एक सिरे से इसे खारिज कर दिया है।

    पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को सोशल साइट पर ट्वीट कर अपनी इस मंशा को उजागर किया। मंत्रालय की तरफ से बताया गया है, "प्री बुकिंग कराने पर ग्राहकों को उनके दरवाजे पर ही पेट्रो उत्पाद उपलब्ध कराने के कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

    इससे ग्राहकों को पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। उनका वक्त भी बचेगा।" निश्चित तौर पर पहले इसे सरकारी तेल कंपनियों की तरफ से लागू किया जाएगा, लेकिन निजी फर्में भी इसे आजमाने को तैयार दिख रही हैं। अभी पेट्रोलियम उत्पादों में सिर्फ एलपीजी की ही डिलीवरी की जाती है।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक रोजाना देश में 3.5 करोड़ लोग पेट्रोल-डीजल भरवाने पेट्रोल पंपों पर जाते हैं। यह कई शहरों में यातायात के लिए बड़ी मुसीबत है। लोगों को समय की हानि होती है और अन्य परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

    इस व्यवस्था से जम्मू-कश्मीर जैसे अशांत राज्यों में लगातार बंद वगैरह होने से जनता को निर्बाध तरीके से पेट्रोल व डीजल की आपूर्ति हो सकेगी। सरकार की तरफ से अभी यह नहीं बताया गया है कि इसे लागू किस तरह से किया जाएगा, क्योंकि इसके लिए कई तरह की तैयारियां करनी होंगी। लेकिन कुछ जगहों पर इसे प्रायोगिक तौर पर लागू किया जा रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा पेट्रोल व डीजल ग्राहक है।

    देश की सबसे बड़ी तेल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसे जब राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा तो ऐसा पूरी तैयारी से होगा। योजना यह है कि छोटे-छोटे डिस्पेंसर के जरिये घर पर पेट्रोल व डीजल देने की व्यवस्था हो सकती है। ये मौजूदा मिनी एटीएम की तरह हो सकते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित होंगे। एक तरह से ये मोबाइल पेट्रोल पंप की तरह काम कर सकते हैं। हो सकता है कि इसके लिए ग्राहकों को अतिरिक्त पैसा भी देना पड़े।

    मगर पेट्रोल पंप नहीं तैयार

    सरकार का यह विचार देश के पेट्रोल पंपों को कुछ खास पसंद नहीं आया है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के महासचिव अजय बंसल का साफ तौर पर यह मानना है कि यह संभव नहीं है। अगर इसे लागू किया जाना है तो सरकार को कई तरह के बदलाव करने होंगे।

    अभी तो हमें बोतल या किसी अन्य चीज में पेट्रोल या डीजल की बिक्री की इजाजत ही नहीं है। अगर इसका गलत इस्तेमाल किया जाता है, तो उसके चक्कर में पेट्रोल पंप भी फसेंगे। मसलन अगर होम डिलीवरी के बाद कोई असामाजिक तत्व इसका पेट्रोल बम बना ले तो इसे कैसे रोका जाएगा। अभी तो सीधे वाहनों में इसे डाला जाता है, जिससे यह काफी सुरक्षित होता है। इन सभी मुद्दों पर हम सरकार से बात करेंगे।

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