Naidunia
    Saturday, May 27, 2017
    PreviousNext

    खुशहाली के मामले में पाकिस्तान से पीछे भारत, चीन और नेपाल भी हैं आगे

    Published: Tue, 21 Mar 2017 07:26 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 09:22 AM (IST)
    By: Editorial Team
    indian 2017321 92120 21 03 2017

    नई दिल्‍ली। दुनिया का हर देश खुशहाली लाने की बात करता है लेकिन कौन सा देश कितनी खुशहाल है इसका खुलासा हाल ही में हुआ है। वर्ल्‍ड हैप्‍पीनेस रिपोर्ट 2017 के मुताबिक खुशहाली के मामले में भारत पाकिस्तान और चीन से भी पीछे हैं जबकि नॉर्वे दुनिया का सबसे खुशहाल देश है। इस रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग 122 है।

    जिस रिपोर्ट के जरिए किसी देश को सबसे खुशहाल देश का तमगा दिया जाता है उसमें वहां पर सामाजिक सुरक्षा और न्‍याय समेत वहां के लोगों में समानता और वहां के लोगों के रहन-सहन को पैमाना बनाया जाता है। इस रिपोर्टको ससटेनेबल डेवलेपमेंट सॉल्‍यूशन नेटवर्क (SDSN) तैयार करता है। यह संयुक्‍त राष्‍ट्र के पैमाने के मुताबिक सभी देशों के आंकड़ों पर निगाह डालते हुए इस लिस्‍ट को तैयार करता है।

    155 देशों की इस सूची में अफ्रीका के कुछ देशों के अलावा सीरिया और यमन सबसे नीचली पायदान पर मौजूद हैं। इस रिपोर्ट को जारी करते हुए एसडीएसएन के डायरेक्‍टर और यूएन महासचिव के विशेष सलाहकार जेफरी सैक्स ने कहा कि इस लिस्‍ट को तैयार करने से पहले दुनिया के देशों वहां के लोगों का समृद्धि स्‍तर, स्वस्थ संतुलन लोगों का सरकार पर विश्‍वास, लोगों के बीच कम असमानता को ध्‍यान में रखते हुए आंकड़े तैयार किए गए। इस लिस्‍ट को बनाने से पहले परकैपिटा ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडेक्‍ट, हैल्‍दी लाइफ एक्‍सपेक्‍टेंसी, स्‍वतंत्रता, सामाजिक सुरक्षा, सरकार और व्‍यापार समेत वहां व्‍याप्‍त भ्रष्‍टाचार को भी आंका गया है।

    उन्‍होंने बताया कि इस रिपोर्ट को जारी करने के पीछे उन देशों को इसके लिए एक सीख देने का है तो विकास की दौड़ में काफी पिछड़ गए हैं। इस लिस्‍ट मे टॉप में जहां डेनमार्क है वहीं उसके बाद आइसलैंड, स्विटजरलैंड, फिनलैंड, नीदरलैंड, कनाडा, न्‍यूजीलैंड, आस्‍ट्रेलिया और स्‍वीडन हैं। वहीं सबसे अंत में दक्षिण सूडान, लाइबेरिया, गुयाना, टोगो, रुआंडा, तंजानिया और सेंट्रल अफ्रिकन रिपब्लिक जैसे देश शामिल हैं। इस लिस्‍ट में अमेरिका को 14वें पायदान, जर्मनी को 16वें पायदान, इंग्‍लैंड को 19 पायदान और फ्रांस को 31 पायदान पर शामिल किया गया है।

    अमेरिका के रैंक में आई गिरावट की वजह जैफरी वहां आई असमानता और भ्रष्‍टाचार को मानते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका के नए राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप इस पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि कई ऐसी नीतियां रहीं हैं जिसकी वजह से अमेरिका में लोगों के बीच असमानता देखने को मिली है। वहीं रक्षा और सेना पर बढ़ा खर्च और हैल्‍थकेयर रोल भी इसकी एक बड़ी वजह रहा है। जैफरी का कहना है कि सभी देशों को इस रिपोर्ट को देखकर अपने यहां पर नीतियों में बदलाव लाने चाहिए।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी