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    अग्रिम जमानत की तैयारी में लालू प्रसाद यादव का परिवार

    Published: Thu, 13 Jul 2017 09:22 PM (IST) | Updated: Thu, 13 Jul 2017 09:24 PM (IST)
    By: Editorial Team
    lalu-prasad-yadav 13 07 2017

    पटना। सीबीआइ की गिरफ्तारी से बचने के लिए रेल होटल घोटाले में फंसा लालू परिवार अग्रिम जमानत की तैयारी में है। मामले में लालू प्रसाद के साथ उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी आरोपी हैं।

    तेजस्वी के इस्तीफे के लिए जदयू के नैतिक दबाव और भाजपा कीआक्रामक बयानबाजी से पूरा परिवार परेशान है।

    भ्रष्टाचार के नए मामले ने लालू के उत्तराधिकारी के रूप में पेश किए जा रहे तेजस्वी के राजनीतिक भविष्य को दांव पर लगा दिया है। एक-दो दिन के भीतर दिल्ली में जमानत याचिका दाखिल की जा सकती है।

    अग्रिम जमानत ही एकमात्र रास्ता

    सीबीआइ अगर इस मामले में गिरफ्तारी का रास्ता अख्तियार करती है, तो तेजस्वी के सामने इस्तीफे के सिवाय कोई रास्ता नहीं बचेगा। परिवार की राजनीतिक हैसियत खतरे में पड़ जाएगी।

    ऐसी संकट वाली स्थिति से बचने के लिए अग्रिम जमानत ही एकमात्र रास्ता दिख रहा। लालू परिवार देश के शीर्षस्थ वकीलों से राय ले रहा।

    रेलवे होटल को लीज पर देने के मामले में बेनामी संपत्ति बटोरने के लिए साजिश और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए सीबीआइ ने लालू परिवार के तीन सदस्यों को नामजद किया है। सभी पर गैर जमानत धाराएं लगाई गई हैं।

    सख्ती से घेर रहीं एजेंसियां छापे और पूछताछ से साफ है कि सीबीआइ और अन्य जांच एजेंसियां लालू परिवार को सतर्कता और सख्ती से घेर रही हैं। जांच एजेंसियां दो स्तर पर काम कर रही हैं।

    पहला पुराने सुबूतों का गंभीरता से अन्वेषण किया जा रहा है। दूसरा नए मामले एवं सुबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार के कई मामलों में फंसे लालू परिवार पर सीबीआइ, प्रवर्तन निदेशालय एवं आयकर विभाग का शिकंजा कस रहा है।

    पहले एफआइआर, फिर छापा

    सीबीआइ ने पांच जुलाई को लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव समेत आठ लोगों के खिलाफ दिल्ली में एफआइआर दर्ज की थी, लेकिन उनके घर पर छापा दो दिन बाद डाला गया।

    एफआइआर में सीबीआइ ने प्रारंभिक जांच के निष्कर्ष भी लिखे थे। यानी पूरी तैयारी के साथ एफआइआर हुई और छापेमारी की गई। सात जुलाई को लालू के पटना स्थित सरकारी आवास समेत देशभर के 22 ठिकानों पर छामेपारी की गई।

    बड़े वकीलों का साथ

    लालू प्रसाद ने अपने परिवार के खिलाफ दर्ज हो रहे नए केस में बचाव के लिए देश के शीर्षस्थ वकीलों से संपर्क किया है। रेल होटल घोटाले में बड़े वकील लालू का पक्ष रखेंगे।

    उनसे राय ली जा रही। इसके पहले चारा घोटाले के एक मामले में राजद की ओर से राज्यसभा में भेजे गए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी सुप्रीम कोर्ट में लालू का पक्ष रखते रहे हैं।

    लालू ने एक बार खुलकर कहा भी था कि जेठमलानी ने मेरे किसी मुकदमे में कोई पैसा नहीं लिया। जेठमलानी पिछले वर्ष ही राजद के कोटे से राज्यसभा भेजे गए थे।

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