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    एमओपी मंजूर अब जल्द भरे जाएंगे जजों के पद

    Published: Mon, 20 Mar 2017 11:13 PM (IST) | Updated: Mon, 20 Mar 2017 11:15 PM (IST)
    By: Editorial Team
    supreme-court 20 03 2017

    नई दिल्ली

    सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और सरकार के बीच करीब डेढ़ साल से चल रही तल्खी अंततः खत्म होती दिख रही है।

    सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने जजों की नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (एमओपी) मंजूर कर सरकार को भेज दिया है।

    मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर ने सोमवार को कहा कि अब हाई कोर्ट की रिक्तियां जल्द भरी जाएंगी। न्यायाधीशों की नियुक्ति की नई व्यवस्था देने वाले एनजेएसी कानून के सुप्रीम कोर्ट से रद होने के बाद से जजों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और सरकार के बीच कुछ तनातनी का माहौल था।

    सरकार द्वारा तैयार एमओपी के कुछ प्रावधानों पर कोलेजियम में सहमति नहीं बन पा रही थी। इनमें विशेषतौर पर नियुक्ति में राष्ट्रीय सुरक्षा को आधार बनाने वाला प्रावधान भी था।

    पिछले मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने हाई कोर्ट में खाली पड़े पदों और उन्हें भरने के लिए कोलेजियम की संस्तुति के बावजूद सरकार के ढीले रवैये पर कई बार नाराजगी जताई थी।

    हालांकि बताते चलें कि वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने ही बहुमत से फैसला देते हुए एनजेएसी कानून रद किया था। लेकिन कोर्ट वर्तमान कोलेजियम व्यवस्था में सुधार पर विचार करने को राजी हो गया था। कोर्ट ने सरकार से जजों की नियुक्ति का नया एमओपी बनाने को कहा था।

    सोमवार को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने जजों की नियुक्ति से संबंधित जनहित याचिकाओं का निपटारा करते हुए कहा, "चीजें आगे बढ़ रही हैं। एमओपी मंजूर कर सरकार को भेजा जा चुका है। और बहुत तेजी से हाई कोर्ट के रिक्त पद भरे जाएंगे।"

    पीठ ने हालांकि लंबित मुकदमों के जल्द निपटारे के लिए हाई कोर्ट में जजों के पदों की संख्या बढ़ाए जाने की मांग टालते हुए कहा कि हाल में हाई कोर्ट जजों के पद 25 फीसद बढ़ाए गए हैं।

    पीठ ने कहा, हम पहले रिक्त पद भरने पर ध्यान देंगे। इसके बाद ही पद बढ़ाने पर विचार हो सकता है।

    कोर्ट ने लंबित मुकदमों के शीघ्र निपटारे के उपाय बताने वाली एक अन्य जनहित याचिका को आंतरिक समिति के पास विचार के लिए भेज दिया।

    मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाल में कोर्ट की एक कमेटी गठित हुई है जो लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर विचार करती है।

    पीठ ने यह भी कहा कि सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों की बैठक बुलाई गई है जिसमें लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के उपायों पर सुझाव दिए जाएंगे।

    इस बावत कुछ उपाय किए भी गए हैं। इस याचिका को भी कमेटी के पास विचार के लिए भेजा जा रहा है।

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