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    कोर्ट ने टैक्स तय करने और बिजली बिल भरने के लिए अपराधियों को छोड़ा

    Published: Thu, 11 May 2017 11:19 AM (IST) | Updated: Thu, 11 May 2017 11:29 AM (IST)
    By: Editorial Team
    granting bail 11 05 2017

    अहमदाबाद। गुजरात में आरोपियों को जमानत देने के दो रोचक मामले सामने आए हैं। हत्या के आरोपी सरपंच को हाई कोर्ट से इसलिए जमानत दी गई कि वह गांव जाकर सर्वे कर सके और प्रॉपर्टी, जल, सफाई, बिजली समेत विभिन्न टैक्स तय कर सके। दूसरे मामले में एक शख्स को दस दिन के लिए छोड़ा गया ताकि वह अपने घर का बिजली बिल जमा कर सके।

    केस-1 : जेल में सरपंच, कैसे हो गांव का विकास

    नवसारी में वाघरिच गांव का सरपंच मनहरभाई टंदेल (79 वर्ष) हत्या के आरोप में 2014 से जेल में बंद है। उसने जेल में रहते दिसंबर 2016 में सरपंची का चुनाव लड़ा था। जीतने के बाद उसी साल अप्रैल में यह कहते हुए जमानत की याचिका लगाई कि उसे गांव में सर्वे कर टैक्स तय करना है, ताकि गांव का विकास हो सके। ग्राम सभा का भी गठन सरंपच के न होने से अटका था। निचली अदालत ने याचिका खारिज कर दी तो हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब जस्टिस एएस सुपैया ने 5000 रुपए के मुचलके पर पांच दिन की जमानत दे दी। कोर्ट का मानना है कि टंदेल को रिहा करना जनहित में है।

    केस-2 : पत्नी, बेटा, बहू सब जेल में, कौन भरे बिजली बिल

    दूसरे मामले में जूनागढ़ के प्रवीण वाला को बिजली बिल भरने के लिए जमानत दी गई। वाला ने अपनी याचिका में कहा था कि उसकी पत्नी, बेटा और बहू भी जेल में हैं, इसलिए बिजली बिल जमा करने वाला कोई नहीं है। बिजली कंपनी हर माह बिल भेज रही है और समय पर भुगतान नहीं हुआ तो कनेक्शन काट दिया जाएगा।

    अपने परिवार की ही एक महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में चारों को पांच-पांच साल की कैद हुई है।

    वाला का जेल रिकॉर्ड देखने पर हाई कोर्ट ने पाया कि उसका बर्ताव अच्छा है। इससे पहले जमानत मिलने पर वाला ने वक्त पर सरेंडर किया है। इन बातों पर ध्यान देते हुए कोर्ट ने उसे 10 दिन की जमानत दे दी।

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