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    पंजाब में 9.80 लाख किसानों का कृषि कर्ज माफ, CM अमरिंदर सिंह की बड़ी घोषणा

    Published: Mon, 19 Jun 2017 09:39 PM (IST) | Updated: Mon, 19 Jun 2017 10:01 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह ने सोमवार को विधानसभा में कांग्रेस के घोषणापत्र के वादे के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में 9.80 लाख किसानों का कृषि कर्जमाफ करने का एलान कर दिया।

    पांच एकड़ तक के किसानों का दो लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ कर दिया है। वहीं, दो लाख से ज्यादा कर्ज वाले किसानों का दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर दिया है।

    राज्यपाल के अभिभाषण पर कैप्टन ने किसान और उद्योगों के लिए कई घोषणाएं की। एक तरफ मुख्यमंत्री ने पंजाब से ट्रक यूनियन को खत्म कर दिया है तो वहीं उद्योग को पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली देने की घोषणा की है।

    कैप्टन अमरिदर सिंह के पांच एकड़ वाले छोटे किसानों के दो लाख रुपये तक के फसली ऋण की माफी से 8.75 लाख किसान लाभान्वित होंगे, वहीं दो लाख से ज्यादा कर्ज वाले किसानों को दो लाख तक कर्ज माफी से 1.5 लाख किसान को इसका फायदा होगा।

    यही नहीं मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन किसानों ने कर्ज के दबाव में आकर आत्महत्या की है, उनके कर्ज का बोझ सरकार उठाएगी।

    सरकार ने आत्महत्या करने वाले किसानों की एक्सग्रेशिया ग्रांट को तीन से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया हैं। हालांकि, विपक्ष के नेता एचएस फूलका ने सरकार के फैसले पर अंगुली उठाते हुए कहा कि कांग्र्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में पूरा कर्ज माफ करने की बात कही थी, जबकि कृषि ऋण तो किसानों का एक छोटा सा हिस्सा है।

    कैप्टन भले ही विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोल रहे थे, लेकिन उन्होंने बजट से पूर्व ही बजटीय घोषणाएं कर विपक्ष को चौंका दिया। वहीं, सरकार की वित्तीय मजबूरी भी बताई।

    कैप्टन ने कहा कि पिछली सरकार ने अनाज की खरीद के लिए नकदी ऋण सीमा में कमी को कवर करने के लिए 31,000 करोड़ रुपये का ऋण लिया था, जिस पर सरकार को 270 करोड़ हर महीने और 3,240 करोड़ रुपये सालाना किश्त भरनी पड़ रही है। अगर ऐसा न होता, तो बड़ी संख्या में किसानों को राहत दी जा सकती थी।

    ट्रक यूनियन खत्म

    मुख्यमंत्री ने पंजाब में इंडस्ट्री को राहत देते हुए बिजली को पांच रुपये प्रति यूनिट से देने की घोषणा की। यही नहीं कैप्टन ने कृषि से लेकर इंडस्ट्री क्षेत्र तक के लिए सिर दर्द बने ट्रक यूनियन को खत्म करने की घोषणा कर दी हैं। सरकार के इस फैसले से न सिर्फ किसानों, बल्कि इंडस्ट्री क्षेत्र को भी काफी राहत मिलेगी।


    उद्योग के लिए सीएलयू की अनिवार्यता खत्म

    कैप्टन ने घोषणा की कि इंडस्ट्री के लिए सीएलयू की आवश्यकता नहीं होगी। इससे न सिर्फ इंडस्ट्री का विस्तार होगा,बल्कि युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

    मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह के सुझाव पर स्पीकर राणा केपी ने विधानसभा की एक पांच सदस्यीय समिति का गठन करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा था कि विधानसभा की कमेटी बनाई जाए, जो किसानों की आत्महत्या के कारणों का पता लगा सकते हैं और इस खतरे को हमेशा की जांच के लिए आगे के कदमों का सुझाव दे सकते हैं।


    बड़े किसान छोड़ें बिजली सब्सिडी

    कैप्टन ने किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा को जारी रखने की बात को दोहराते हुए अपील की कि बड़े किसान फ्री बिजली की सुविधा छोड़ दें, ताकि छोटे किसानों को इसका लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री के इस अपील पर सत्ता पत्र में बैठे करीब आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों ने हाथ खड़े करके फ्री बिजली छोड़ने को अपना समर्थन दिया।

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