Naidunia
    Sunday, July 23, 2017
    PreviousNext

    अपनी आत्मकथा लिख रहे रघुवर दास

    Published: Mon, 20 Mar 2017 09:09 PM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 04:01 AM (IST)
    By: Editorial Team
    raghubar das 20 03 2017

    अमन कुमार, रांची

    झारखंड के पहले गैर आदिवासी मुख्यमंत्री रघुवर दास की जीवन यात्रा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। इसमें अभाव, संघर्ष और सफलता के कई अध्याय मौजूद हैं। लगभग हर मोर्चे पर फतह हासिल करने वाले रघुवर दास की जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं की जानकारी लोगों को जल्द मिलेगी। मुख्यमंत्री खुद अपनी आत्मकथा लिख रहे हैं। इसका नाम मजदूर से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर होने की संभावना है।

    माना जा रहा है कि साल के अंत तक इसे प्रकाशित किया जाएगा। इसके माध्यम से झारखंड की राजनीति से जुड़े कई रोचक तथ्य भी सामने आने की उम्मीद है। रघुवर दास पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा और शिबू सोरेन के मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं।

    पूर्व मुख्यमंत्रियों के काम करने के तरीके और उनके साथ संबंध के बारे में आत्मकथा में कुछ अंश होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक जीवन से पूर्व की कहानी भी लोग इसके माध्यम से जानेंगे। उनका बचपन संघर्ष में गुजरा है।

    जमशेदपुर में एक मजदूर परिवार में जन्मे रघुवर दास को पढ़ाई के दौरान छोटे-मोटे काम करने पड़े, बिजली के सामान, कोयला आदि की दुकान भी खोली और टाटा स्टील के रोलिंग मिल में मजदूरी की, जहां उन्हें छंटनी का शिकार होना पड़ा था। वह शायद इन चीजों के लिए नहीं बने थे। इसलिए व्यापार और नौकरी के बदले उन्हें राजनीति में सफलता मिली।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      अटपटी-चटपटी