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    इस भिखारी ने बेटी की फ्रॉक के लिए दो साल तक जमा किए पैसे

    Published: Sat, 08 Apr 2017 05:04 PM (IST) | Updated: Sun, 09 Apr 2017 08:48 AM (IST)
    By: Editorial Team
    kawsar hossain 08 04 2017

    मल्टीमीडिया डेस्क। कपड़ों से भरी हुई वॉर्डरोब को देखकर भी कई बार आपको ऐसा लगता होगा कि आपके पास पर्याप्त कपड़े नहीं है और आप अपनी कार लेकर पास के ही किसी मॉल में जाकर नए कपड़े खरीद लेते हैं। लेकिन बांग्लादेश के एक भिखारी को अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीदने के लिए दो साल तक पैसे बचाने पड़े, तब जाकर वह अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीद सका।

    हाल ही में सोशल मीडिया पर फोटोग्राफर जीएमबी आकाश के एक पोस्ट खूब वायरल हो रही है, जिसमें कौसर हुसैन नाम के एक भिखारी की कहानी बताई गई है, जिसने एक हादसे में अपना दाहिना हाथ गंवा दिया और परिवार को पालने के लिए उसे भीख मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    कहानी में बताया गया कि एक दिन जब वह अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीदने के लिए दुकान पर गए तो दुकानदार ने उन्हें अपमानित करके भगा दिया। तब मेरा अपमान होते देख मेरी बेटी की आंखे भी भीग गई और उसने नई ड्रेस लेने से इनकार कर दिया।

    इस घटना के दो साल बाद अब कौसर हुसैन ने अपनी बेटी के लिए नई फ्रॉक खरीदी है। एक-एक पैसा बचाकर कौसर ने अपनी बेटी के लिए अब एक खूबसूरत पीले रंग की फ्रॉक खरीदी है, जिसे पाकर वह अब बेहद खुश है। उसी पल को पत्रकार जीएमबी आकाश ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। कौसर हुसैन की कहानी फेसबुक पर पोस्ट की।

    कौसर ने कहा कि हां, मैं एक भिखारी हूं, लेकिन 10 साल पहले मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मुझे कभी भीख मांगकर अपने परिवार को गुजारा करना पड़ेगा। उसने बताया कि वह नाइट कोच पुल से गिर गया था, जिसके कारण वह विकलांग हो गया। मेरा एक हाथ नहीं रहने के बाद मेरी बेटी ही मुझे खाना खिलाती है। वह कहती है कि मैं जानती हूं कि एक हाथ से काम करने पैसा कमाना कितना मुश्किल है।

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    • Manoj Naik13 Apr 2017, 08:31:01 AM

      ये हर पित के लिये गर्व कि बात है हर बाप के लिये उसकी बेति राजकुमारी होति है

    अटपटी-चटपटी