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    सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई जस्टिस कर्नन की याचिका

    Published: Fri, 19 May 2017 10:09 PM (IST) | Updated: Fri, 19 May 2017 10:15 PM (IST)
    By: Editorial Team
    justice karnan 19 05 2017

    नई दिल्ली, माला दीक्षित। न्यायालय की अवमानना के दोषी करार कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस सीएस कर्नन को एक और झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने उनकी रिट याचिका को सुनवाई के लिए पंजीकृत करने लायक नहीं पाया।

    कोर्ट ने उनकी याचिका सुनवाई लायक न पाते हुए ठुकरा दी। जस्टिस कर्नन की ओर से वकील मैथ्यू जे. नेदुपरा ने रिट याचिका दाखिल कर कर्नन के खिलाफ अवमानना में की गई अब तक की सारी कार्रवाई और आदेश को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की थी। साथ ही न्यायालय की अवमानना कानून के कई प्रावधानों को भी चुनौती दी थी।

    इसके अलावा याचिका में अवमानना में सुनाई गई सजा के आदेश के क्रियान्वयन पर भी रोक लगाने का आग्र्रह किया गया था। कर्नन के वकील की ओर से दाखिल की गई इस याचिका को रजिस्ट्रार के समक्ष पेश किया गया। रजिस्ट्रार की ओर से वकील को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट नियमों के तहत यह याचिका सुनवाई के लिए पंजीकृत करने योग्य नहीं है।

    सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस याचिका में एक प्रकार से अवमानना मामले में जस्टिस कर्नन को दोषी ठहराते हुए छह महीने के कारावास की सजा दिये जाने के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि कोर्ट का गत 9 मई का कर्नन को सजा सुनाने का आदेश अब अंतिम हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों में तय व्यवस्था के मुताबिक कोर्ट के फैसले को अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दाखिल कर चुनौती नहीं दी जा सकती।

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