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    एनजीटी ने लगाया उप्र सरकार पर जुर्माना

    Published: Fri, 17 Feb 2017 11:32 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 11:33 PM (IST)
    By: Editorial Team
    taj mahal 17 02 2017

    नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आगरा में नगर निगम के कचरा जलाने से ताजमहल के पीले पड़ने के मामले में समय से जवाब न देने पर उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य एजेंसियों पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी के अध्यक्ष जस्टिस स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व वाली खंडपीठ ने राज्य प्रशासन को उनके सवालों के जवाब नहीं देने पर फटकार लगाई है।

    साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर जवाब दाखिल न करने पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार के शहरी विकास और योजना विभाग, आगरा नगर निगम और जिलाधिकारी मिलकर जुर्माने की यह रकम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को सौंपेंगे।

    उल्लेखनीय है कि एक गैरसरकारी संगठन ने बड़े पैमाने पर कचरा जलाने पर ताजमहल के पीले पड़ने की बात कही थी। जिस पर एनजीटी ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया था। एनजीटी की खंडपीठ ने कहा कि बताए गए विभागों की ओर से कोई जवाब आया नहीं है।

    अब उनको जवाब देने के लिए आखिरी मौका देते हुए दो सप्ताह का समय दिया गया है। प्रत्येक विभाग को इसी के साथ जवाब देने में देरी के लिए 20 हजार रुपये का जुर्माना भरना होगा। इसके अलावा, एनजीटी ने बाह, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, शमसाबाद, इतमादपुर, फतेहाबाद और पिनहट क्षेत्र की नगर परिषदों को भी नोटिस जारी किया गया है।

    जागनेर, दयालबाग, खेरागढ़, स्वामीबाग और किरावली नगर पंचायतों को भी नोटिस भेजा गया है। एनजीटी ने यह आदेश गैर सरकारी संगठन सोशल एक्शन फार फारेस्ट एंड इनवायरमेंट (सेफ) की याचिका पर दिया है। सेफ ने आइआइटी कानपुर के साथ मिलकर वायु प्रदूषण पर अध्ययन करने का दावा किया है।

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