Naidunia
    Sunday, September 24, 2017
    PreviousNext

    इन हस्तियों ने दुनिया में बढ़ाया हिंदी का मान, जरूर देखें वीडियो

    Published: Wed, 13 Sep 2017 09:37 AM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 11:07 AM (IST)
    By: Editorial Team
    modi-amitabh 13 09 2017

    नवोदित सक्तावत


    हिंदी हमारी राष्‍ट्रभाषा होने के बावजूद हाशिये पर रहती है। देश के महत्‍वपूर्ण पदों पर बैठे नेता, अधिकारी और लोकप्रिय सिने अभिनेता हिंदी कम और अंग्रेजी अधिक बोलते हैं। इस परिदृश्‍य के बीच कुछ ऐसी हस्तियों के नाम प्रमुखता से लिए जा सकते हैं जो देश-विदेश के मंचों पर यथासंभव हिंदी में ही संवाद करते हैं और हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करके इसे बढ़ावा देने का काम करते हैं। आइये इनके बारे में जानते हैं।

    सारी दुनिया में हिंदी में भाषण

    सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल देश में बल्कि विश्‍व के बड़े मंचों पर भी हिंदी में ही भाषण देते हैं। अमेरिकी कांग्रेस हो या फेसबुक सीईओ मार्क जकरबर्ग से हुई टाउनहॉल मुलाकात, उन्‍होंने हर अवसर पर हिंदी में ही बोलना पसंद किया। विदेश यात्राओं के समय वे वहां रह रहे भारतीय समुदाय से हमेशा मुखातिब होते हैं और हिंदी में ही संवाद करते हैं।

    बोलचाल की हिंदी से जीता जनता का दिल

    अभिनेता अमिताभ बच्‍चन भाषाओं के अच्‍छे जानकार हैं। उनकी शिक्षा अंग्रेजी व हिंदी में समान रूप से हुई है लेकिन वे फिल्‍म इंडस्‍ट्री की परिपाटी के विपरीत अक्‍सर हिंदी में संवाद करते हैं। उनका ख्‍यात टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' जब शुरू हुआ, तब उन्‍होंने इस शो में आम बोलचाल की हिंदी को शामिल किया और हिंदी के कुछ शब्‍दों को इस अदायगी से प्रस्‍तुत किया कि वे शो की पहचान बन गए। जैसे- देवियों और सज्‍जनों, कम्‍प्‍यूटर जी, समय समाप्ति की घोषणा, पंचकोटि महामणि आदि।

    कमाल की हिंदी कमेंट्री जो मैदान में होने का अहसास कराए

    क्रिकेट के हिंदी कमेंटेटर सुशील दोषी किसी परिचय के मोहताज नहीं। वे क्रिकेट का आंखों देखा हाल हिंदी में सुनाने के लिए मशहूर हैं। उन्‍होंने 300 से अधिक वनडे और टेस्ट मैचों के साथ ही 9 विश्व कप मैचों का आंखों देखा हाल सुनाया है। इसके अलावा उन्होंने टेनिस और टेबल टेनिस मैचों की भी हिंदी कमेंट्री की है। क्रिकेट की कमेंट्री में हिंदी को स्‍थाापित करने का काम सुशील दोषी ने किया है।

    मनोरंजन का मूल मंत्र अपनी भाषा

    रंगमंच, सिनेमा या टेलीविजन ही नहीं मोबाइल फोन या कंप्यूटर पर हिंदी भाषा के बगैर हम मनोरंजन की कल्पना नहीं कर सकते। दिल को छूने वाली दिल की बात तो अपनी भाषा में ही संभव है। महानगरों में अंग्रेजी में शो करने वाले कॉमेडियन होते हैं लेकिन हिंदी के कॉमेडियन ने जो मुकाम हासिल किया है, वह अलग ही है। राजू श्रीवास्‍तव और सुनील पाल ने जहां छोटे पर दे पर इस परंपरा को शुरू किया, वहीं कपिल शर्मा नए मुकाम तक ले गए। अपने शो की मुख्‍य भाषा हिंदी बनाकर कपिल ने साबित कर दिया कि हिंदी के दम पर भी बड़ी शख्सियतों को शो में बुलाया जा सकता है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें