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    12वीं की परीक्षा में 37 वर्षीय मां ने पाए बेटे से अधिक अंक

    Published: Mon, 01 Jun 2015 11:42 AM (IST) | Updated: Mon, 01 Jun 2015 11:44 AM (IST)
    By: Editorial Team
    mothersonexam 01 06 2015

    डिब्रूगढ़। पूर्वी असम के डिब्रूगढ़ जिले में 37 वर्षीय एक मां को समझ में नहीं आ रहा है कि 12वीं के नतीजे आने के बाद वह खुश हो या दुखी। दरअसल, नयनमोनी बेजबौराह ने अपने 18 वर्षीय बेटे के साथ 12वीं की परीक्षा दी थी। इसमें महिला ने अपने बेटे से अधिक अंक पाए हैं। नयनमोनी ने 69.8 फीसद अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की है। वहीं, उसका लड़का अंकुर बमुश्‍िकल पास होकर तीसरी श्रेणी ही हासिल कर सका है।

    नयनमोनी के तीन लड़कों और एक लड़की में अंकुर सबसे बड़ा है। वह अपने पिता के साथ सब्‍जी बेचकर परिवार का खर्च चलाने में मदद करता है। महिला ने कहा कि उसके प्रयास सफल हुए हैं, लेकिन उसे अधिक मजा तब आता जब उसका बेटा परीक्षा में और अच्‍छा प्रदर्शन कर पाता। उसे अपना कॅरिअर बनाना है, जिससे हमारी गरीबी दूर हो सकती है।

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    बच्‍चों को रात में सुलाने के बाद नयनतारा पढ़ाई करती थी। वह सुबह चार बजे उठ जाती थी और अपने गांव से 12 किमी दूर स्थित स्‍कूल में साइकिल से पहुंचने से पहले घर का सारा काम निपटा लेती थी। बारिश के मौसम में गांव से स्‍कूल पहुंचना करीब-करीब असंभव हो जाता था। महिला ने खोवांग पितूबोर गर्ल्‍स हायर सेकंड्री स्‍कूल से 12वीं की परीक्षा पास की है।

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    स्‍कूल की प्रिंसिपल सोनतोरा गोगोई ने बताया कि नयनमोनी ने उन महिलाओं के लिए मिसाल कायम की है, जो परिवार पालने के लिए पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। वह ऐसी महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उसने अपने बेटे के साथ वर्ष 2013 में हाई स्‍कूल की परीक्षा दी थी। इसमें मां-बेटे दोनों ने सेकंड डिवीजन हासिल की।

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