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    13 साल की दुष्कर्म पीड़िता बनेगी मां

    Published: Fri, 11 Sep 2015 12:29 AM (IST) | Updated: Fri, 11 Sep 2015 12:30 AM (IST)
    By: Editorial Team
    raped girl birth up 11 09 2015

    बाराबंकी। लखनऊ के केजीएमयू के महिला अस्पताल क्वीन मेरी में लाई गई तेरह साल की दुष्कर्म पीड़िता का डॉक्टरों ने गर्भपात करने से इन्कार कर दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक शिशु को प्रसव के जरिये जीवित ही निकालना पड़ेगा।

    मसौली थाना क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय किशोरी के साथ 17 फरवरी को गांव के ही एक किशोर ने दुष्कर्म किया था। वारदात तब हुई जब किशोरी गांव के मंदिर से पूजा अर्चना कर लौट रही थी। चार माह बाद जुलाई में पेट में दर्द होने पर किशोरी के गर्भवती होने की जानकारी हुई। तब परिवारीजन उसे चिकित्सकों के पास लेकर गए।

    पिता की तहरीर पर पुलिस ने आठ जुलाई को आरोपी किशोर के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी देने व पॉस्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। उसी दिन आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया था। बेटी का गर्भपात कराने के लिए पिता ने हाई कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने किशोरी की जान को जोखिम में डाले बगैर और पिता की रजामंदी से गर्भपात कराने का आदेश दिया था।

    इसी क्रम में गुरुवार को किशोरी को लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के महिला अस्पताल क्वीन मेरी में भर्ती कराया गया। तीन चिकित्सकों ने उसका परीक्षण कर गर्भपात करने से इन्कार कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी जैसवार का कहना है, गर्भपात पांच माह तक की प्रेगनेंसी में ही संभव है।

    गर्भस्थ शिशु इस वक्त साढ़े सात माह का हो चुका है इसलिए अब प्रसव करा कर ही शिशु को जीवित निकाला जा सकता है। बच्ची की आयु 13 साल की है, जाहिर सी बात है कि वह स्वयं बहुत छोटी है। ऐसे में उसके शरीर का संपूर्ण विकास अभी नहीं हुआ है। ऐसे में प्रसव के लिए सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। वैसे किशोरी के साथ-साथ गर्भस्थ शिशु की सेहत बिल्कुल ठीक है।

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