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    भारत ही नहीं, इस देश में भी हिंदी भाषण दिला सकता है चुनावी जीत

    Published: Wed, 13 Sep 2017 10:19 AM (IST) | Updated: Thu, 14 Sep 2017 11:05 AM (IST)
    By: Editorial Team
    fiji hindi 13 09 2017

    अजय बर्वे। भारत के अलावा भी कुछ देश ऐसे हैं जहां हिंदी बड़ी तादाद में बोली जाती है। एक देश ऐसा भी है जहां हिंदी को इतना सम्मान प्राप्त है कि उसने हिंदी को ना सिर्फ अपनी आधिकारिक भाषा बना रखा है बल्कि हिंदी में दिए भाषण नेताओं की जीत के लिए रामबाण साबित होते हैं। हम बात कर रहे हैं फिजी की जो दक्षिण प्रशांत महासागर स्थित 322 द्वीपों का समूह है। यहां के मूल निवासी वैसे तो काईबीती हैं लेकिन भारतीयों की भी 44 प्रतिशत आबादी है।

    ऐसे फिजी पहुंची हिंदी - 5 मई 1871 में अंग्रेजों का जहाज 471 भारतीयों को लेकर फिजी पहुंचा था। इनके साथ ही हिंदी भी यहां पहुंची। गिरमिट प्रथा के अंतर्गत आए प्रवासी भारतीयों ने फिजी देश को जहां अपना खून-पसीना बहाकर आबाद किया। गिरमिट वो लोग थे जो यहां मजदूरी करने के लिए गुलामों की तरह लाए जाते थे।

    गुलामों की लाई हिंदी बनी आधिकारिक भाषा - गुलामों द्वारा लाई गई हिंदी यहां धीरे-धीरे पनपने लगी और आज इस देश की आधिकारिक भाषा है। हिंदी को यह दर्जा 1997 में मिला। इसे फिजियन हिंदी या फिजियन हिंदुस्तानी भी कहते हैं। फिजी हिंदी देवनागरी और रोमन, दोनों में लिखी जाती है। यहां की हिंदी मुख्य रूप से अवधी, भोजपुरी, बिहारी और हिंदी की अन्य बोलियों से बनी है। इसमें फिजी और अंग्रेजी से बड़ी संख्या में शब्द उधार लिए गए हैं।

    अलग है भारतीय हिंदी से - फिजी हिंदी में बड़ी संख्या में अलग शब्द भी हैं। मसलन यहां श को स बोला जाता है वहीं व को ब। ऐसे ही यहां सब्जी पेठा/सीताफल को कोहंडा कहा जाता है, पूड़ी को सोहारी, पैर को गोड़ कहा जाता है। वैसे यह बदलाव फिजी में रह रहे भारतीयों के नए माहौल में ढलने के लिए जरूरी थे। फिजी में रहने वाले भारतीयों की पहली पीढ़ी ने इस भाषा को बोलचाल के रूप में अपनाया, इसे 'फिजी बात' कहते थे।

    हर जगह नजर आती है हिंदी - फिजी में हिंदी लगभग हर काम में नजर आती है। औपचारिक एवं मानक हिंदी का प्रयोग पाठशाला के अलावा शादी, पूजन, सभा आदि के अवसरों पर होता है। शिक्षा विभाग द्वारा संचालित सभी बाह्य परीक्षाओं में हिंदी एक विषय के रूप में पढ़ाई जाती है। कोई भी व्यक्ति सरकारी कामकाज, अदालत तथा संसद में भी हिंदी भाषा का प्रयोग कर सकता है। चुनाव सभाओं के पोस्टर व प्रचार सामग्री भी हिंदी भाषा के प्रयोग के बिना अधूरी समझी जाती है।

    अब ऐसी है स्थिति - यहां रेडियो पर आने वाले ज्यादातर कार्यक्रम हिंदी में होते हैं। फिजी की संसद ने यह स्वीकार किया है कि यहां के स्कूलों की हर परीक्षा में हिंदी भी एक विषय हो। इसके लिए नये पाठ्यक्रम बनाए जा रहे हैं। फिजी का भारतीय समुदाय हिंदी में कहानी, कविताएं लिखता है। हिंदी प्रेमी लेखकों ने हिंदी समिति तथा हिंदी केंद्र बनाए हैं जो वहां के प्रतिष्ठित लेखकों के निर्देशन में गोष्ठियां, सभा तथा प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं। इनमें हिंदी कार्यक्रम होते हैं कवि और लेखक अपनी रचनाएं सुनाते हैं।

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