Naidunia
    Friday, September 22, 2017
    PreviousNext

    आईबी के आगे पस्त आतंकी मंसूबे

    Published: Wed, 20 Jan 2016 09:05 PM (IST) | Updated: Thu, 21 Jan 2016 04:00 AM (IST)
    By: Editorial Team
    ib alerts terror 20 01 2016

    नीलू रंजन, नई दिल्ली। खुफिया ब्यूरो (आईबी) ने अलकायदा के बाद आईएस (इस्लामिक स्टेट) के आतंकियों को गिरफ्तार करा बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। इससे पहले पठानकोट एयरफोर्स बेस में आतंकी हमले की साजिश की अग्रिम चेतावनी देकर आईबी ने बड़े नुकसान से बचा लिया था। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पिछले दो सालों में आईबी देश में फैले आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफल रहा है।

    उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, हरिद्वार से गिरफ्तार किए गए आईएस से प्रेरित आतंकियों पर आईबी लंबे समय से नजर रखे हुए था। जैसे ही आतंकियों ने अर्द्धकुंभ में हमले की साजिश रची और इसके लिए जरूरी सामान जुटाना शुरू किया, उन्हें दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आतंकियों के खिलाफ इससे बेहतर कार्रवाई नहीं हो सकती है।

    गौरतलब है कि इसके पहले आईबी की सूचना पर दिसंबर से लेकर जनवरी तक देश के विभिन्न भागों से अलकायदा के पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अलकायदा के ये आतंकी भी अपने मंसूबे को अंजाम देने के पहले ही सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गए। वे अभी केवल देश में अपना नेटवर्क ही बना रहे थे।

    पठानकोट हमले की अग्रि‍म चेतावनी से बड़े नुकसान से बचने की बात खुद रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर स्वीकार कर चुके हैं। बात सिर्फ देश में पैर जमाने की कोशिश में जुटे अलकायदा और आईएस के मॉड्यूल को ध्वस्त करने की ही नहीं है।

    इसके पहले आईबी को इंडियन मुजाहिदीन के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने में कामयाबी मिल चुकी है। आईबी के इनपुट पर ही नेपाल से आईएम प्रमुख यासीन भटकल को गिरफ्तार करने में सफलता मिली थी और उसके बाद धीरे-धीरे इस नेटवर्क के सभी आतंकियों को ढूंढ निकाला गया।

    गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी स्वीकार करते हैं कि खुफिया ब्यूरो की लगातार कामयाबी के बाद देश में आतंरिक सुरक्षा की हालत बेहतर हुई है और अब नए सिरे से आतंकी हमलों पर आइबी की सूचना को गंभीरता से लिया जाने लगा है। यही नहीं, गृह मंत्रालय के गलियारे में अब राष्ट्रीय आतंकीरोधी केंद्र (एनसीटीसी) की चर्चा भी सुनाई देती है।

    कारण साफ है कि आईबी के मातहत मल्टी एजेंसी सेंटर (मैक) आतंकी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। यहां सभी एजेंसियों से मिलने वाले इनपुट की गहन पड़ताल करने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी को भेज दिया जाता है।

    दिल्ली-एनसीआर में पठानकोट दोहराना चाह रहे थे आतंकी

    खुफिया ब्यूरो (आईबी), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हरिद्वार व रुड़की से जिन चार आईएस आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी योजना बड़ी वारदात करने की थी।

    वह अर्द्धकुंभ मेला, रुड़की से हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों व गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली-एनसीआर में पठानकोट जैसी बड़ी वारदात करना चाह रहे थे। उन्होंने कई प्रमुख जगहों की रेकी की थी। उनकी साजिश आठ फरवरी (सोमवती अमावस्या) को हरिद्वार में मुख्य स्नान वाले दिन बेहद भीड़भाड़ वाली जगहों पर धमाका करने की भी थी, ताकि भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान चली जाए।

    स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त अरविंद दीप के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों के नाम अखलाक उर रहमान, मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद अजीज व मोहम्मद महरोज है। ये सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर व व्हाट्सएप आदि के जरिए आईएस से जुड़ चुके थे। ये लोग स्काइप के जरिए पाकिस्तान व सीरिया में बात कर रहे थे। उन्हें पूछताछ के लिए 15 दिनों की रिमांड पर लिया गया है।

    अखलाक, उत्तराखंड के एक पॉलीटेक्निक कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहा था, जबकि तीन अन्य अलग-अलग कॉलेजों से स्नातक कर रहे थे। चारों की उम्र 18-22 साल के बीच है। इनका अब तक कोई अपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। अखलाक आईएस से फेसबुक से जुड़ा था। मंगलवार को वह जैसे ही परीक्षा देकर कॉलेज से बाहर निकला, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में तीन अन्य को भी पकड़ लिया गया।

    ऑनलाइन बम बनाने की ली ट्रेनिंग

    अखलाक को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने ऑनलाइन बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी। चारों आतंकी ऑनलाइन पत्रिका "दाबिक" पढ़कर आईएस से जुड़े थे। माचिस की तीली से बारूद इकट्ठा कर सिमी स्टाइल में विस्फोटक बना रहे थे। छत्तीसगढ़ से भी उन्होंने विस्फोटक जुटाया था।

    शफी अरमार के संपर्क में थे

    चारों आतंकी अंसार उल तौहिद संगठन के मुखिया शफी अरमार के संपर्क में थे। शफी दिल्ली सीरियल ब्लास्ट में आरोपी है। 2008 में बटला हाउस मुठभेड़ के बाद शफी व सुल्तान, बड़ा साजिद व छोटा साजिद समेत आईएम के कई आतंकी जामिया नगर से भागने में सफल हो गए थे।

    नेपाल के रास्ते वे पाकिस्तान चले गए। वहां उन्होंने अंसार उल तौहिद बनाया फिर बाद में आईएस से हाथ मिला लिया। शफी का भाई सुल्तान भी पाकिस्तान चला गया था और बाद में आईएस से जुड़कर सीरिया गया। 2011-2012 में उसने आईएस की तरफ से तालिबान व पाकिस्तान सेना से लड़ाई भी की थी।

    2014 में सीरिया में वह मारा गया। सुल्तान पहला भारतीय है जो आईएस की तरफ से मारा गया। भाई की मौत के बाद शफी भारत में आईएस के लिए भर्ती का काम देख रहा है।

    अंजार शाह की रिमांड अवधि बढ़ी

    अलकायदा इन इंडियन सबकांटिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े संदिग्ध आतंकी सैयद अंजार शाह को पटियाला हाउस कोर्ट की एक सत्र अदालत ने बुधवार को 15 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। पेशे से मदरसा टीचर अंजार शाह पर आरोप है कि वह नौजवानों को आतंकी बनने के लिए उकसाता था। उसके भाषण भी बड़े जहरीले व नफरत भरे होते थे।

    आतंकी सामी का घर खंगाला

    अलकायदा से संबंध रखने के आरोप में हरियाणा के मेवात से गिरफ्तार आतंकी अब्दुल सामी के घर को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को खंगाला। सामी के पिता व टाटा स्टील के सेवानिवृत्त कर्मचारी अब्दुल सत्तार को पुलिस टीम पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। सामी के तीन भाई खाड़ी देश में नौकरी करते हैं।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें