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    तस्करी का शिकार लड़की बनी बाल अधिकारों की रहनुमा

    Published: Mon, 03 Oct 2016 11:31 PM (IST) | Updated: Mon, 03 Oct 2016 11:33 PM (IST)
    By: Editorial Team
    anoyara-khatun 03 10 2016

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में सुदूर सुंदरवन के द्वीप से कभी तस्करी का शिकार होने वाली 18 साल की अनोयारा खातून आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाल अधिकारों की लड़ाई लड़ रही है। इतना ही नहीं उसे संयुक्त राष्ट्र से दो बार बोलने के लिए न्योतामिल चुका है।

    पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव में अनोयारा आज किसी हीरो से कम नहीं है। वह इतनी कम उम्र में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून से लेकर बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स तक से मिल चुकी है।

    गरीबी की वजह से घरों में बाल मजदूरी करने के लिए अनोयारा की तस्करी की गई थी। आज अनोयारा कहती है कि अंतरराष्ट्रीय श्रोताओं के सामने अपने गांव की कहानियां बताना और दुनिया भर के लोगों की आपबीती सुनकर बतौर कार्यकर्ता वह मजबूत हो गई है।

    बाल अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन सेव द चिल्ड्रन की युवा नेता के रूप में पहचान बना चुकी अनोयारा अब बच्चों के 80 समूहों का नेतृत्व करती है। हर समूह में 10-20 सदस्य हैं जो बाल विवाह, तस्करी व बाल मजदूरी के खिलाफ लड़ते हैं।

    अनोयारा बताती है कि जब उसने शुरुआत की तब गांववालों ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया था। उसने बहुत आलोचना झेली है, लेकिन अब बदलाव हो रहा है। आज लोग उसकी बात ध्यान से सुन रहे हैं।

    यहां बता दें कि पिछले साल अनोयारा ने संयुक्त राष्ट्र के विकास लक्ष्य से जुड़े शिखर सम्मेलन में भाग लिया था और इस साल उसने भारतीय बच्चों का संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रतिनिधित्व किया।

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