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    राष्ट्रपति चुनाव के बारे में यह खास बातें आप जरूर जानना चाहेंगे

    Published: Fri, 23 Jun 2017 09:39 AM (IST) | Updated: Fri, 23 Jun 2017 01:01 PM (IST)
    By: Editorial Team
    ramnath kovind meira kumar news 2017623 13056 23 06 2017

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए और यूपीए के उम्मीदवारों के नाम सामने आ चुके हैं। रामनाथ कोविंद के बाद जैसे ही यूपीए ने मीरा कुमार के नाम का ऐलान किया, स्पष्ट हो गया कि देश का अगला राष्ट्रपति कोई दलित ही होगा। पढ़ें इसी से जुड़ी बड़ी बातें -

    राष्ट्रपति चुनाव के लिए 17 जुलाई को मतदान होगा और तीन दिन बाद यानी 20 जुलाई को परिमाण घोषित कर दिया जाएगा। 23 जुलाई तक देश का अगला राष्ट्रपति चुना जाना है।

    पहले भाजपा ने रामनाथ कोविंद का ऐलान किया और फिर इसका तोड़ निकालने के लिए कांग्रेस भी मीरा कुमार का दलित चेहरा लेकर आगे आई। इस तरह दोनों तरफ से दलित प्रत्याशी कई पार्टियों के लिए दुविधा का कारण बना।

    मीरा कुमार की उम्मीदवारी मायावती के लिए राहत भरी रही। उन्होंने तुरंत यूपीए प्रत्याशी को अपना समर्थन दे दिया। कांग्रेस दलित प्रत्याशी न उतारती तो शायद माया को मजबूरी में ही सही, एनडीए प्रत्याशी को समर्थन देना पड़ता, क्योंकि उनकी पार्टी किसी दलित को देश का प्रथम नागरिक बनाने का विरोध कैसे करती?

    मीरा कुमार का नाम तय करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं रहा। विपक्षी दलों की बैठक में सबसे पहले राकांपा प्रमुख शरद पवार से बोलने को कहा गया। उन्होंने दो दलित नेताओं के नाम सुझाए - कांग्रेस के सुशील कुमार शिंदे और अर्थशास्त्री भालचंद्र मुंगेकर।

    अन्य विपक्षी दल शिंदे और मुंगेकर पर सहमत नहीं हुए और फिर कांग्रेस की ओर से मीरा कुमार का नाम आगे बढ़ाया गया। सोनिया गांधी ने सभी से मीरा कुमार का समर्थन करने की अपील की। बाद में वामनेता सीताराम येचुरी ने कहा, मीरा कुमार को सर्वसम्मति से चुना गया।

    मीरा कुमार का नाम सामने आने के बाद भाजपा खेमे में थोड़ी हलचल दिखाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने वेंकैया नायडू, अनंत कुमार की मौजूदगी में मीटिंग की।

    वैसे माना जा रहा है कि एनडीए और अन्य क्षेत्रीय दलों के सहयोग से रामनाथ कोविंद के पास 63 फीसदी से ज्यादा वोट हैं और उनका राष्ट्रपति बनना लगभग तय है। लेकिन विपक्ष इसे विचारधारा की लड़ाई करार दे रहा है।

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा प्रत्याशी रामनाथ कोविंद का समर्थन किया है। अब विपक्ष उनसे कह रहा है कि वे अपने फैसले पर विचार करें और मीरा कुमार को समर्थन दें। लालू यादव ने उन्हें 'बिहार की बेटी' का वास्ता दिया है। हालांकि जदयू के नेता पवन वर्मा की मानें तो नीतीश फैसला नहीं बदलेंगे।

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