Naidunia
    Saturday, August 19, 2017
    PreviousNext

    दुष्कर्म के आरोपी ने कबूलीं 58 वारदात

    Published: Tue, 17 Jan 2017 11:16 PM (IST) | Updated: Tue, 17 Jan 2017 11:25 PM (IST)
    By: Editorial Team
    rapist-580x395-360x270 17 01 2017

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली

    बच्चियों से दुष्कर्म करने के आरोपी सुनील रस्तोगी ने 58 मामलों में शामिल होने की बात कबूली है। पुलिस दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के चार शहरों में कुल 58 मामलों को लिक करने की कोशिश कर रही है।

    पूछताछ में आरोपी ने वर्ष 2004 से 2016 के बीच दिल्ली, गाजियाबाद, उधम सिह नगर और रुद्रपुर में लगातार वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली है। पुलिस का कहना है कि इनमें से अधिकतर परिजनों की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है। पूर्वी जिला के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने वर्ष और स्थान की जानकारी दी है।

    रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप इलाके में वर्ष 2016 के फरवरी माह में आरोपी ने 12 वर्षीय बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया था। इस मामले में जेल भी हुई थी। आरोपी ने रुद्रपुर में दो अन्य बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने की बात कबूली है, लेकिन इन मामलों में परिजनों ने कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है।

    अन्य कई मामले दर्ज

    वर्ष 2004 में कल्याणपुरी इलाके में आरोपी ने एक बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की थी। पुलिस ने छेड़छाड़ का मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी पर छह मामले दुष्कर्म और प्रयास के हैं, जबकि एक चोरी और एक मादक पदार्थ की तस्करी का है। एक शांति भंग करने का मामला भी आरोपी के खिलाफ दर्ज है।

    तीन परिवार आए सामने

    आरोपी सुनील की गिरफ्तारी के बाद अभी तक मात्र तीन पीड़ित परिवार सामने आए हैं। इन परिवारों ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। पुलिस ने इन परिवारों से सुनील के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को कहा है साथ ही परिजनों की काउंसिलिग के लिए एनजीओ से कहा।

    पत्नी बोली, सुनील को फांसी दो

    रामपुर : दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा सीरियल रेपिस्ट सुनील रस्तोगी का परिवार उसकी हरकतों से शर्मसार है। आमजन की तरह परिवार के सदस्यों में भी उसके प्रति आक्रोश है। पत्नी का कहना है कि इस करतूत के लिए तो उसे फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए। सुनील मूल रूप से मिलक के क्रमचा गांव का रहने वाला है।

    वर्ष 2004 में वह काम की तलाश में दिल्ली गया था। वहां उसने टेलरिग की। दरिदगी के मामले में कई बार लोगों ने उसे दबोचा और मारपीट कर पुलिस के हवाले किया। मुकदमे बढ़ने लगे तो वह दिल्ली छोड़कर परिवार के साथ रुद्रपुर स्थित ट्रांजिट कैंप कालोनी में रहने लगा। यहां भी उसकी हरकतें कम नहीं हुईं।

    पिछले साल उसने कालोनी के पास एक बालिका के अपहरण का प्रयास किया। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। वह छह माह तक हल्द्वानी जेल में भी बंद रहा। सुनील के परिवार में उसकी पत्नी भावना और पांच बच्चे हैं। इनमें दो बेटे और तीन बेटियां हैं। बच्चों का कहना था कि उनके पापा अच्छे आदमी नहीं हैं।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें