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    ड्यूटी पर मोबाइल चलाने से रोका तो जवान ने मेजर को मारीं गोलियां, मौत

    Published: Tue, 18 Jul 2017 01:34 PM (IST) | Updated: Wed, 19 Jul 2017 08:30 AM (IST)
    By: Editorial Team
    jawan 2017718 134240 18 07 2017

    श्रीनगर। उत्तरी कश्मीर के उड़ी सेक्टर में ड्यूटी पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से रोकने पर गुस्साए सेना के एक जवान ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी (मेजर) पर ताबड़तोड़ गोलियां दागीं, जिससे उनकी मौत हो गई। दिवंगत मेजर के शरीर में पांच गोलियां लगी थीं। आरोपी सैन्यकर्मी को हिरासत में ले लिया गया है। फिलहाल सेना और पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

    मेजर की पहचान 71 आर्मर्ड रेजिमेंट के शिखर थापा के रूप में हुई है, वह बीते कुछ महीनों से आतंक व घुसपैठरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही सेना की आठ राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। मेजर थापा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के रहने वाले थे। वहीं आरोपी जवान की पहचान सेना की 19 मद्रास रेजिमेंट के नायक काठी रीसन के रूप में हुई है।

    रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने उड़ी सेक्टर में जवान द्वारा मेजर की हत्या किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना सोमवार रात करीब सवा बारह बजे एलओसी के अग्रिम छोर पर स्थित बुचर चौकी के पास हुई है।

    बताया जा रहा है कि मेजर ने सिपाही रीसन को कानों में हेडफोन लगाकर मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा था। मेजर शिखर पहले भी कई बार रीसन को ड्यूटी और वह भी रात के समय मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ चुके थे।

    ड्यूटी के समय मोबाइल का प्रयोग सैनिकों के लिए मना है। मेजर ने मोबाइल फोन छीन लिया और इस दौरान जवान ने मेजर के साथ कथित तौर पर हाथापाई की, जिसमें मोबाइल क्षतिग्रस्त हो गया। मेजर ने जवान को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले को कमांडिंग ऑफिसर को रिपोर्ट किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार इससे जवान जो पहले ही गुस्से में था, पूरी तरह भड़क गया और उसने मेजर पर अपनी एसाल्ट राइफल से गोलियों की बौछार कर दी। इससे मेजर की मौके पर ही मौत हो गई। जवान ने वहां मौजूद कुछ अन्य जवानों पर भी फायर किया और खुद को भी तथाकथित तौर पर गोली मारने का प्रयास किया, लेकिन अन्य जवानों ने किसी तरह उस पर काबू पाकर राइफल छीन ली। फिलहाल, गोली चलाने वाला सैनिक मिल्ट्री पुलिस की हिरासत में है।

    एक साल में तीसरी घटना

    08 जुलाई 2016 : गांदरबल जिले में सेना के जवानों के आपसी झगड़े में चली गोली में सिपाही बी वेंकटैया की मौत हो गई थी, जबकि हवालदार मनोहर सिंह जख्मी हो गया था।

    17 अगस्त 2016 : राजौरी जिले के गंभीर इलाके में एक सैन्यकर्मी को उसके साथी ने मौत के घाट उतारा था।

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