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    जानिए आपके टीवी में कौन सा सिग्नल आता है, क्या विकल्प है बेहतर

    Published: Sat, 20 May 2017 08:37 AM (IST) | Updated: Sat, 20 May 2017 08:56 AM (IST)
    By: Editorial Team
    digital signal 20 05 2017

    मल्टीमीडिया डेस्क। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों से कहा है कि जो मल्टी सिस्टम ऑपरेशंस (MSO) और केबल ऑपरेटर डिजिटल सिग्नल की जगह अभी भी एनालॉग सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें। यह कदम इसलिए उठाया गया है कि ताकि केबल डिजिटाइजेशन का काम सफलतापूर्वक किया जा सके।

    MOS का सबसे बड़ा केवल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क देशभर में मौजूद है। वर्तमान में 700 से ज्यादा MSO और 60 हजार केवल ऑपरेटर देश में काम कर रहे हैं। अगर आपके घर में केबल लगी है, लेकिन सेट टॉप बॉक्स नहीं है, तो आपके घर एनालॉग सिग्नल आ रहा है। डिजिटल मीडियम में शिफ्ट होने पर ज्यादा बेहतर पिक्चर क्वालिटी मिलेगी। साथ ही जिन चैनल्स को देख रहे हैं, सिर्फ उन्हीं का पैसा देना होगा।

    डिजिटल और एनालॉग सिग्नल में अंतर

    - एनालॉग सिग्नल में किसी वीडियो या जानकारी को इलेक्ट्रॉनिक इंपल्स यानी विद्युत स्पंदनों के जरिए भेजा जाता है। वहीं, डिजिटल सिग्नल में सूचना को बायनरी फॉर्मेट यानी जीरो और एक के रूप में भेजा जाता है।

    - एनालॉग में ऑडियो या वीडियो वास्तविक रूप में दर्ज होते हैं, जबकि डिजिटल सिग्नल में ओरिजिनल आवाज या वीडियो की जगह वे जीरो और एक के फॉर्मेट में बाईनरी संकेत में दर्ज होते हैं। आउटपुट डिवाइस में जाने के बाद यह इसे आवाज और चित्र में बदलता है।

    - इसे एक बात से समझ सकते हैं। जैसे कैसेट में किसी गाने की धुन, जो 10 मिनट बाद है उसे सुनने के लिए आपको 9 मिनट 59 सेकंड का इंतजार करना। मगर, डिजिटल सिग्नल एक सीडी की तरह होता है, जिसमें आप सीधे 10 मिनट की टाइमिंग पर पहुंच सकते हैं।

    - इसके अलावा डिजिटल सिग्नल में कोई जनरेशन लॉस नहीं होता है यानी उसकी क्वालिटी एक सीडी से दूसरी सीडी में कॉपी करने या एक स्टोरेज से दूसरी स्टोरेज डिवाइस में डालने पर खराब नहीं होती।

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    आईपीटीवी की भी बढ़ रही है मांग

    केबल और डीटीएस से अलग एक और चीज इन दिनों लोकप्रिय होती जा रही है और वह है आईपीटीवी। इसके लिए आपको फोन कंपनी से ब्रॉडबैंड कनेक्शन, मॉडम और सेट टॉप बॉक्स लेना होगा। इसमें आप पिछले एक हफ्ते के रिकॉडेर्ड प्रोगाम बिना अतिरिक्त चार्ज दिए देख सकते हैं।

    केबल, डीटीएच और आईपीटीवी में अंतर

    केबल, डीटीएच और आईपीटीवी में सबसे बड़ा अंतर उनके माध्यम को होता है। केबल में यूजर के घर तक सिग्नल्स केबल और सेट टॉप बॉक्स के जरिए पहुंचाए जाते हैं। इसकी डिश का एंटीना सर्विस प्रोवाइडर के घर पर लगी होती है। डीटीएच में डिश यूजर के घर पर ही लगी होती है। इससे अलग आईपीटीवी में सिग्नल इंटरनेट ब्रॉडबैंड के जरिये आता है।

    मौसम खराब होने पर डीटीएच में सिग्नल नहीं पहुंच पाते हैं, लिहाजा टीवी नहीं चलता है। जबकि केबल और आईपीटीवी पर इसका कोई असर नहीं होता है। केबल सिस्टम में स्थानीय समाचारों को देखने की सुविधा होती है। वहीं, डीटीएच में लोकल न्यूज तो नहीं मिलती है, लेकिन कई अन्य सर्विस जैसे कुकरी क्लासेज, नर्सरी राइम्स, लैंग्वेज कोर्स, एक्विटविटी क्लासेज का विकल्प मिल जाता है।

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