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    राम मंदिर मसले पर मध्यस्थता के लिए तैयार जस्टिस खेहर ने आधी रात की थी याकूब की सुनवाई

    Published: Tue, 21 Mar 2017 11:23 AM (IST) | Updated: Tue, 21 Mar 2017 12:45 PM (IST)
    By: Editorial Team
    justice khehar 21 03 2017

    नई दिल्ली। देश के प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर ने कहा कि राम मंदिर का विवाद निपटाने के लिए आपस में दोनों पक्ष बातचीत करें। यदि मध्यस्थता के लिए वे कहेंगे, तो मैं इसके लिए भी तैयार हूं। दोनों पक्षों में यदि बात नहीं बनती हैं, तो सुप्रीम कोर्ट फैसला करेगा। मगर, सबसे अच्छी स्थिति तो यह है कि दोनों पक्ष आपस में मिलकर बातचीत करें।

    यह वहीं जस्टिस खेहर हैं, जिन्होंने 1993 के मुंबई विस्फोट के एकमात्र मृत्युदंड प्राप्त दोषी याकूब मेमन के मामले की आधी रात को सुनवाई की थी। याकूब की फांसी की सजा को उच्चतम न्यायालय ने 29 जुलाई 2015 को ठुकरा दिया था, लेकिन कुछ कार्यकर्ता वकीलों ने उसी रात फैसले पर फिर से गौर करने के लिए एक और याचिका दायर की क्योंकि दोषी को 30 जुलाई की सुबह फांसी दी जानी थी।

    उच्चतम न्यायालय इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत भी हुआ और 30 जुलाई को रात दो बजे से दो घंटे से ज्यादा समय तक एक पीठ ने विशेष सुनवाई की थी। इसके बाद हाल ही में उन्होंने कहा था कि हमारा अनूठा देश है। बड़ा अपराधी, बड़ा हंगामा।

    खेहर ने 18 मार्च को विधि कार्यकर्ताओं से आह्वाहन किया कि वे 2017 को अपराध पीड़ितों के लिए काम करें। दुष्कर्म पीड़ितों, तेजाब हमले के शिकार या अपने घर के एक-मात्र रोजी रोटी कमाने वाले को गंवाने वालों की परिस्थितियों पर हैरानी व्यक्त करते हुए कहा था कि अपराधियों को आखिरी उपाय तक न्याय की पहुंच मिलती है। मगर, अब समय है जब विधि कार्यकर्ता ऐसे प्रभावित लोगों तक पहुंचे, ताकि उन्हें अपेक्षित मुआवजा मिल सके।

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