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    केरल में जेल के कैदी संवारेंगे लोगों का रूप रंग

    Published: Fri, 17 Feb 2017 03:59 PM (IST) | Updated: Fri, 17 Feb 2017 04:07 PM (IST)
    By: Editorial Team
    barber 17 02 2017

    तिरुवनंतपुरम। एक केंद्रीय जेल में कैदियों जल्द ही ब्यूटीशियन का काम करते दिखेंगे। यह पहल राज्य कैदी विभाग के विभिन्न पुनर्वास कार्यक्रमों का हिस्सा है। यहां के पूजापूरा केंद्रीय जेल को विभिन्न अद्वितीय और सफल पहल के लिए जाना जाता है, जिसमें खाने-पीने के व्यापार से लेकर गार्मेंट बनाने तक का काम शामिल है।

    यहां जल्द ही एक ब्यूटी सैलून खुलने जा रहा है, जहां लोगों को कम दर पर ब्यूटी सर्विस मिल सकेगी। यह जानकारी जेल अधीक्षक एस संतोष ने दी। इस काम के लिए जेल के पास एक अप्रयुक्त पुराने क्वार्टर की मरम्मत कराई जा रही है। इसे जल्द ही एक वातानुकूलित और सुसज्जित पार्लर में बदल दिया जाएगा।

    यह राज्य में अपनी तरह का दूसरा ब्यूटी पार्लर होगा, जिसे राज्य में जेल में कैदियों द्वारा चलाया जा रहा है। इससे पहले 'फोनिक्स फ्रीडम एक्सप्रेशन्स' को हाल ही में उत्तरी जिले कन्नूर की सेंट्रल जेल में खोला गया था। उन्होंने कहा कि अप्रैल-मई तक सैलून को खोलने की हमारी योजना है।

    इसके लिए जल्द ही कैदियों की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। संतोष ने कहा कि शहर में दो पॉलिटेक्निक के प्रशिक्षक सौंदर्यीकरण पाठ्यक्रम के तहत कैदियों को प्रशिक्षण देंगे।

    शुरुआती दौर में कम से कम 20-25 कैदियों प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें शिफ्ट में काम कराया जाएगा। हमने शुरू में उन लोगों को प्राथमिकता दी है, जिन्हें इस बारे में बुनियादी जानकारी जैसै बाल काटना, शेविंग करने आदि का ज्ञान है।

    जयपुर में कैदी शादियों में बजाते हैं बैंड

    जेल के कैदियों का शादियों में वैसे तो कोई काम नहीं होता, लेकिन जोधपुर जेल के कैदी न सिर्फ शादियों में जाते हैं, बल्कि बैंड बजा कर खुशी भी बढ़ाते हैं। ईमानदारी इतनी कि काम पूरा होने के बाद ये कैदी वापस जेल लौट आते हैं। इन पर नजर रखने के लिए एक सिपाही को जरूर तैनात किया जाता हैं।

    दरअसल जोधपुर सेंट्रल जेल में कैदियों का बैंड बजाना सिखाया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कैदियों को बकायदा शादियों और पार्टियों में बैंड बजाने के लिए भेजा जाता है। इस बैंड दल में 12 कैदी होते हैं और बाजार में जहां एक बैंड 20-30 हजार रुपए प्रति घंटा चार्ज करते है, वहीं कैदियों के इस बैंड का प्रतिघंटे का चार्ज सिर्फ 1601 रुपए है।

    कैदियों का यह बैंड काफी लोकप्रिय हो गया है और इस सीजन में इसकी लगातार एडवांस बुकिंग चल रही है। सेंट्रल जेल में इसकी बुकिंग होती है। बुकिंग की तारीख, समय पहले बताना होता है। बैंड के दल को कार्यक्रम स्थल पर लाने-ले जाने की जिम्मेदारी बुकिंग करने वाले की होती है।

    बैंड में उन कैदियों को शामिल किया जाता है जो एक बार पैरोल पर रिहा होकर वापस जेल में आ जाते हैं। यहां बैंड की ट्रेनिंग भी कैदी ही देते हैं। एक कैदी दूसरे कैदी को बैंड दल के लिए तैयार करता रहता है। कार्यक्रम में पहनने वाली ड्रेस जेल प्रशासन की ओर से उपलब्ध करवाई जाती है। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यक्रमों में भी यह बैंड जाता है।

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