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    आपत्तिजनक ट्वीट पर मनीष तिवारी ने PM मोदी से मांगी माफी

    Published: Sun, 17 Sep 2017 11:18 PM (IST) | Updated: Sun, 17 Sep 2017 11:23 PM (IST)
    By: Editorial Team
    manishtiwari-ll 17 09 2017

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने आपत्तिजनक ट्वीट को लेकर उनसे माफी मांगी है। ट्वीट को लेकर मचे विवाद के बाद तिवारी ने रविवार को कहा कि उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री पर नहीं थी, बल्कि महात्मा गांधी से मोदी की तुलना करने वाले व्यक्ति पर की गई थी।

    इससे पहले तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी और उनके फॉलोअर्स के खिलाफ अश्लील ट्वीट किए थे। तिवारी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से किए गए ट्वीट में प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए बेहद गंदे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। इस ट्वीट की गाली-गलौज वाली भाषा लगभग वैसी ही थी जो दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा था।

    ट्वीट का सिलसिला तब शुरू जब मनीष तिवारी ने नरेंद्र मोदी से संबंधित एक वीडियो शेयर किया। इसमें प्रधानमंत्री राष्ट्रगान के दौरान चलते हुए दिखाई दिए। इस पर दीपक कुमार सिंह नामक एक व्यक्ति ने मनीष तिवारी को भड़काऊ भाषा में जवाब दिया।

    उन्होंने ट्वीट किया, 'आप मोदी को देशभक्ति न सिखाइए चाचा...देशभक्ति तो उनके डीएनए में है, इसलिए महात्मा गांधी भी उन्हें नहीं सिखा सकते।.. बस आप कितने नीचे गिर सकते हो, देख लिया।' इसी ट्वीट पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने अश्लील भाषा में जवाब दिया। भाजपा ने की निंदा भाजपा ने तिवारी के इस ट्वीट की निंदा की है।

    भाजपा के अनुसार, कांग्रेसी नेताओं के असली चेहरे अब सामने आ रहे हैं। भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि हम मनीष तिवारी को जानते हैं, वह एक समझदार इंसान हैं। लेकिन लगता है कि उन्हें कांग्रेस के अर्धसाक्षर नेताओं ने ऐसा करने के लिए कहा है। वहीं शाहनवाज हुसैन ने कहा कि कांग्रेस हर सीमा लांघ रही है।

    कांग्रेस नेता का यह ट्वीट और उसकी भाषा देश के लोगों को स्वीकार नहीं होगा। राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन पीएम के खिलाफ ऐसी भाषा का प्रयोग जायज नहीं है। उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के इस मुद्दे पर चुप रहने पर अचरज जताया है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, 'यह बहुत दुखद है।

    कांग्रेस इतने वषोर् तक सत्ता में रही है और मनीष तिवारी एक वकील हैं, पूर्व सूचना व प्रसारण मंत्री हैं और कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं में से एक हैं। ऐसे में जब इस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया जाता है, तो बहुत दुख होता है कि राजनीति का स्तर आखिर कांग्रेस में कहां चला गया है।'

    भाकपा ने भी जताई आपत्ति भाजपा के साथ-साथ वामपंथी पार्टी भाकपा ने भी मनीष तिवारी के बयानों की निंदा करते हुए राजनेताओं को सामाजिक और राजनीतिक जीवन में शालीनता का परिचय देने की नसीहत दी है।

    भाकपा नेता डी. राजा ने कहा कि भले ही प्रधानमंत्री और उनकी विचारधारा से मतभेद हो, लेकिन वह देश के प्रधानमंत्री हैं। ऐसे में उनके खिलाफ किसी भी शब्द का इस्तेमाल करने से पहले भाषा पर नजर जरूर डालनी चाहिए।

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