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    बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने दिया राज्यसभा से इस्तीफा

    Published: Tue, 18 Jul 2017 12:17 PM (IST) | Updated: Tue, 18 Jul 2017 11:28 PM (IST)
    By: Editorial Team
    mayawati 2017718 123548 18 07 2017

    नई दिल्ली। मायावती ने विधिवत अपना इस्तीफा शाम को राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को सौंप दिया। मायावती ने अपने इस्तीफे में कहा 'मैं शोषितों, मजदूरों, किसानों और खासकर दलितों के उत्पीड़न की बात सदन में रखना चाहती थी। सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में जो दलित उत्पीड़न हुआ है, मैं उसकी बात उठाना चाहती थी।

    लेकिन सत्ता पक्ष के सभी लोग एक साथ खड़े हो गए और मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। बसपा प्रमुख ने कहा 'मैं दलित समाज से आती हूं और जब मैं अपने समाज की बात नहीं रख सकती हूं तो मेरे यहां होने का क्या लाभ है।' लेकिन मायावती के दिये इस्तीफे की भाषा को लेकर संदेह है कि वह मंजूर होगा भी या नहीं।

    कई मुद्दों पर घिरे विपक्ष ने मानसून सत्र के पहले ही दिन आक्रामक तेवर अपनाकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। अगुवाई मायावती ने की।

    दलित और अल्पसंख्यकों पर हमले के मुद्दे पर बोलने के लिए पर्याप्त वक्त न दिए जाने को मुद्दा बनाकर मायावती ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया।

    हालांकि यह देखने की बात होगी कि वह इस्तीफा स्वीकार होगा या नहीं। दरअसल इस्तीफे में कोई कारण नहीं बताया जाता है कि मायावती के इस्तीफे में इसका विस्तार से जिक्र है।

    मंगलवार की सुबह विपक्ष तैयारी के साथ आया था। विपक्षी सांसद बैनर के साथ मौजूद थे। कार्यवाही शुरू होते ही सरकार पर आरोपों की झड़ी लगी। जवाब सरकारी पक्ष की ओर से भी आया।

    राज्यसभा में तब सनसनी फैली जब मायावती इस्तीफे की धमकी दे दी। ध्यान रहे कि कुछ महीने पहले ऊना में दलितों पर हमले को लेकर भी मायावती सदन में ऐसा ही तेवर दिखाया था।

    मंगलवार को सहारनपुर दंगे के बाबत उपाध्यक्ष ने उन्हें कुछ मिनटों में भाषण खत्म करने को कहा। वक्त गुजरा तो घंटी बजाकर उन्हें इसकी याद दिलाई गई। मायावती आपा खो बैठीं।

    उन्होंने तैश में उपसभापति पर जमकर बरसते हुए कहा, 'जब आप मुझे सदन में बोलने नहीं देते हैं तो मैं इस्तीफा दे देती हूं।' उसी अंदाज में वह सदन छोड़कर चली गईं।

    बहरहाल, मायावती सार्वजनिक तौर पर दलितों के मुद्दे पर अपना रोष जताने की मंशा में सफल हो गई है। कांग्रेस व वाम दल के सदस्यों ने मायावती के साथ ही सदन छोड़ दिया।

    जिसके बाद सदन कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मायावती ने उपसभापति का अपमान किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।

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