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    सातवें वेतन आयोग का पैसा यहां लगाएं

    Published: Sat, 02 Jul 2016 09:15 PM (IST) | Updated: Tue, 19 Jul 2016 03:32 PM (IST)
    By: Editorial Team
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    हाल ही में केंद्रीय कैबिनेट ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी है। इसके बाद कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी और उनके हाथ में एरियर से मिलने वाला पैसा भी होगा। वेतन आयोग ने 23.55 फीसदी वेतन और भत्ते और रिटायर्ड कर्मियों की पेंशन 24 फीसदी बढ़ाने की सिफारिश की है।

    कई लोगों के पास अचानक पैसा आने से वो तुरंत खर्च करने की योजना बनाने लगते हैं। ऐसे समय में समझदारी से पैसों का नियोजन करेंगे तो ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। इससे आप लंबे समय की एसेट बना सकते हैं या अपने पुराने कर्ज चुका सकते हैं।

    कर्ज से पीछा छुड़ाएं

    ट कार्ड के सभी कर्ज तुरंत चुका दें। इस पर करीब 40 फीसदी या उससे भी ज्यादा ब्याज लगता है। पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का कर्ज सबसे बुरा कर्ज होता है इसको सबसे पहले चुकाना चाहिए। अगर आपने होमलोन लिया है तो उसका एरियर का बड़ा हिस्सा मूल रकम को चुकाने में इस्तेमाल करें। होमलोन वैसे अच्छा कर्ज होता है लेकिन अगर आप इसे जल्दी चुकाते हैं तो आपके ब्याज का बोझ कम होता है। इसके अलावा भी अगर आपका कोई कर्ज है तो उसे चुका दें।

    इमरजेंसी फंड बनाएं

    अपने लिए एक इमरजेंसी फंड बनाएं। इसको किसी इमरजेंसी में खर्च करने के लिए रखें। इमरजेंसी कभी भी आ सकती है। अपनी 3 महीने की सैलरी इस फंड में रखें। इसके लिए आपको अपने निवेश को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वैसे सरकारी कर्मचारियों की नौकरी पर कम खतरा रहता है। इसलिए इस पैसे का इस्तेमाल आप अचानक आने वाले खर्च के लिए कर सकते हैं। इसका पैसा लिक्विड फंड या सेविंग अकाउंट में डाल दें।

    इंश्योरेंस खरीदें

    अगर सरकार की तरफ से दिया गया ग्रुप इंश्योरेंस कम पड़ता है तो आप टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीद सकते हैं। आपकी जो वार्षिक आय है उसका 10 गुना टर्म प्लान खरीदें। मान लीजिए अगर आपकी वार्षिक आय 6 लाख रुपए है तो आपको 60 लाख रुपए का टर्म इंश्योरेंस खरीदना चाहिए। आप ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस खरीदें ये प्लान ऑफलाइन के मुकाबले 25 फीसदी तक सस्ते होते हैं। टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदते समय ये ध्यान रखें की सस्ते के चक्कर में सबसे सस्ता प्लान ही खरीद लें। कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रेश्यों देखें। अगर कंपनी ने उचित मात्रा में क्लेम सेटल किए हैं तभी उसका टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदें।

    अगर ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कम है तो आप पूरे परिवार के लिए फैमिली फ्लोटर प्लान खरीद सकते हैं। अगर आपकी उम्र 25 से 30 के बीच है तो फैमिली फ्लोटर इंश्योरेंस प्लान खरीद लें। 40 की उम्र के आस पास क्रिटिकल इलनेस प्लान खरीदना अच्छा रहता है।

    खर्च में जल्दबाजी न करें

    जब आपका कर्ज पूरी तरह चुक जाए और आप इंश्योरेंस से पूरी तरह सुरक्षित हो जाएं तब अपने पैसे को निवेश करने के बारें में सोंचे। अगर आपके दिमाग में कोई बड़ी चीज खरीदने की योजना चल रही है तो उसे फिलहाल टालें। आप अपनी कार को अपग्रेड करने या अपनी पत्नी के लिए हीरों का हार खरीदने जैसे फैसले टाल सकते हैं। याद रखें आय में से बचत घटाने के बाद जो बचता है उससे आपका खर्च चलना चाहिए।

    निवेश करें

    अगर आपने किसी तरह का फाइनेंशियल प्लान बना रखा है तो उसकी समीक्षा करने की जरूरत है। आप देखें की आपके लक्ष्य जो कि लंबे समय के लिए हैं वो आपने ठीक से पहचान लिए हैं और उनके लिए पर्याप्त रकम निवेश कर दी गई है। अगर नहीं तो 3 से 5 इक्विटी म्युचुअल फंड में लंबे समय के लिए निवेश शुरू कर दें। अगर आपको लंपसंप निवेश करना है और बाजार के उतार चढ़ाव से बचना है तो सिस्टेमेटिक ट्रांसफर प्लान के जरिए निवेश करें। एसटीपी सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमें प्लान की तरह ही काम करते हैं। एसटीपी में निवेशक पहले लिक्विड फंड में निवेश करता है और फिर उसे इक्विटी फंड में निवेश करता है। एसआईपी में किश्त निवेशक के बैंक अकाउंट से सीधे फंड में ट्रांसफर कर दी जाती है। अगर आपको 1 लाख निवेश करने हैं तो पहले ये लिक्विड फंड में निवेश होंगे। इसके बाद हर हफ्ते या महीने में एक निश्चित रकम इक्विटी फंड में निवेश होगी। लिक्विड फंड में बचे हुए पैसे पर आपको ब्याज मिलता रहेगा। ब्याज दरें घट रही हैं जो निवेशक एफडी में निवेश करने की सोंच रहे हैं उनके लिए फायदा लेने का समय है। जिनके पास पहले से एसआईपी है उनको इस रकम के जरिए उनमें निवेश बढ़ा देना चाहिए।

    प्रॉपर्टी खरीदें

    देश के कई शहरों में रियल एस्टेट की कीमतें स्थिर हैं। मांग और सप्लाई की इक्वेशन ठीक नहीं है। अगर आप निवेश के लिहाज से प्रॉपर्टी खरीदने की सोंच रहे हैं तो फिलहाल रूकें। मौजूदा स्थिति में आप खुद केउपयोग के लिए प्रापर्टी खरीद सकते हैं। अपने लिए पहले प्रॉपर्टी चुने और बिल्डर से प्रॉपटी के दाम घटाने पर सौदेबाजी करें।

    सरकार सातवें वेतन आयोग में मिलने वाली रकम को निवेश करवाने के लिए स्कीम लाने की योजना भी बना रही है। इस फंड के जरिए सरकारी बैंकों को पूंजी दी जाएगी। बड़े सरकारी कर्मचारियों को इस स्कीम में निवेश करवाने के लिए टैक्स छूट और ज्यादा रिटर्न का लालच दिया जा सकता है।

    पीपीएफ का विकल्प भी

    आजकल सरकारी बैंकों के साथ प्राइवेट बैंक भी पीपीएफ अकाउंट खोलने का विकल्प देते हैं। अगर आप शेयर या म्युचुअल फंड में

    पैसा नहीं लगाना चाहते हैं और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं तो पीपीएफ में निवेश कर सकते हैं। पीपीएफ में आपको 8 फीसदी ब्याज मिलेगा। कई कर्मचारी सैलरी बढ़ने से टैक्स के ऊंचे ब्रेकेट में चले जाएंगे। ऐसे में उनके लिए इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम भी अच्छा विकल्प है।

    छोटी बचत योजनाओं का भी विकल्प

    अगर आप बिल्कुल ही सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो एफडी में पैसा निवेश करें। इसके अलावा फिक्स्ड मैच्युरिटी प्लान, टैक्स फ्री बांड, एनपीएस और पोस्ट ऑफिस की स्कीम भी है। छोटी बचत योजनाओं में रकम डालने से पहले उनकी ब्याज दरें देख लें। सरकार इनकी ब्याज दरों की लगातार समीक्षा कर रही है।

    फाइनेंशियल प्लानर की मदद लें

    अगर आप इतने विकल्पों के बावजूद अपने पैसे के निवेश को लेकर दिक्कत महसूस कर रहे हैं तो फाइनेंशियल प्लानर की मदद लें। अगर आपने अपना फाइनेंशियल पोर्टफोलियो नहीं बनाया है तो उसे प्लानर की मदद से बनवाएं और उसके मुताबिक निवेश करें।

    ध्यान रखें

    जैसे ही आपके हाथ में पैसे आएंगेवैसे ही सरकारी कर्मचारियों के लिए कई तरह के ऑफर्स की बरसात होगी। इन ऑफर्स की बारिश में आपको बहुत ध्यान से चलना होगा क्योंकि आपकी बचत ही आपको भविष्य में काम आएगी।

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