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    अलवर में मुस्लिम युवक की मौत का मामला गौतस्कर व लुटेरे गैंग में उलझा

    Published: Tue, 14 Nov 2017 11:40 AM (IST) | Updated: Wed, 15 Nov 2017 09:36 AM (IST)
    By: Editorial Team
    umar alwar lynching 14 11 2017

    जयपुर। अलवर में कथित गौरक्षकों द्वारा मुस्लिम युवकों के साथ मारपीट और एक युवक की मौत का मामला उलझ गया है। पुलिस जहां मुस्लिम युवकों को गौतस्कर और मारपीट करने वालों को लुटेरी गैंग बता रही है, वहीं मृतक युवक के परिजनों का आरोप है कि घटना करने वाले खुद को गौरक्षक बता रहे थे और युवक गौतस्कर भी नहीं था।

    इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा हैं और उसकी निशानदेही पर छह अन्य लोगों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। उधर इस मामले में राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का विवादित बयान भी सामने आया है। उनका कहना है कि वे हर शहर में हर वारदात नहीं रोक सकते। मामले की जांच चल रही है और जब तक जांच पूरी न हो कुछ नहीं कहा जा सकता।

    इस मामले में 10 नवंबर को अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में अलवर-मथुरा रेलवे ट्रैक पर मिले शव की शिनाख्त भरतपुर जिले के घाटमीका निवासी 40 साल के उमर खां के रूप में हुई थी। उमर के परिजन ने आरोप लगाया कि उमर उसके दो साथी ताहिर और जावेद गाएं लेकर भरतपुर जा रहे थे। तभी अलवर के गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में 7-8 लोगों ने पिकअप रुकवा ली और बंदूक व धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमलावर खुद को गौरक्षक बता रहे थे और उन्होंने ही गोली मारकर उमर की हत्या कर दी जबकि ताहिर खां को घायल कर दिया, जिसका हरियाणा के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। तीसरा साथी जावेद अभी लापता है।

    उमर के परिजनों और मेव समाज ने अभी तक उमर के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया है। उनकी मांग है कि आरोपियों को पकड़ा जाए और उमर के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। उमर के चाचा इलियास का कहना है कि उमर गौतस्कर नहीं था। वह गाएं पालता था। उसके आठ बच्चे हैं।

    उधर इस मामले में अलवर पुलिस का कहना है कि ये पूरा मामला ही गौतस्करी से जुड़ा हुआ लग रहा है। हमले में घायल ताहिर एक वांटेड गौतस्कर है। उसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का दावा है कि इस मामले के आरोपी एक लुटेरे गैंग से जुड़े हैं जो गौरक्षकों के नाम पर लूट और नकबजनी की वारदातें करते हैं। इनमें से एक युवक कल्लू उर्फ कल्या को हिरासत में ले लिया गया है और अन्य की तलाश जारी है।

    पुलिस के अनुसार, लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने पकड़े जाने के डर से उमर खां की हत्या कर शव को रेलवे पटरी पर डाल दिया था। इसके बाद गाड़ी के टायर और इंजन के पार्ट्स चोरी कर फरार हो गए।

    अलवर के पुलिस अधीक्षक राहुल प्रकाश का कहना है कि गाय लेकर जा रहे तीन लोगों के साथ मारपीट और हत्या के मामले एक युवक कल्लू उर्फ कल्या को हिरासत में लिया है। इस घटना को 6 लोगों ने अंजाम दिया था। ये लोग गौरक्षा के नाम पर लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। कल्लू इनका मुख्य सरगना है और उसके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है।

    गृहमंत्री का विवादित बयान -

    इस मामले में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया का कहना है कि हम हर शहर में हर वारदात नहीं रोक सकते। हम अभी तक यह नहीं कह सकते कि असल में यह मामला क्या है, लेकिन इतना जरूर भरोसा दिलाते हैं कि जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा और सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। अभी तक मैं इतना ही बता सकता हूं कि एक वाहन से पांच गाय बरामद हुई थीं, जिनमें से एक की मौत हो गई थी। इसके बाद में एक शव बरामद किया गया, जिसे पीड़ित परिवार ने पहचान लिया। केस दर्ज कर लिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। इस मामले में एक शख्स को भी गिरफ्तार किया गया है।

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