Naidunia
    Wednesday, September 20, 2017
    PreviousNext

    हथेली बराबर दुनिया के सबसे छोटे नवजात की सफल हार्ट सर्जरी

    Published: Thu, 18 May 2017 08:13 AM (IST) | Updated: Thu, 18 May 2017 08:49 AM (IST)
    By: Editorial Team
    surgery 18 05 2017

    जयपुर। राजस्थान के उदयपुर में एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हथेली बराबर नवजात की हार्ट सर्जरी करने में सफलता हासिल की है। डॉक्टरों का दावा है कि किसी नवजात पर यह दुनिया की पहली ऐसी सर्जरी है, जिसमें वह जिंदा बचा है। उसका जन्म दो हफ्ते पहले हुआ था और वजन था मात्र 470 ग्राम। नवजात के दिल की दोनों धमनियां जुड़ी हुई थीं। यदि ऑपरेशन नहीं किया जाता तो उसकी जान जाने का भी खतरा हो सकता था।

    उदयपुर निवासी एसपी जैन व उनकी पत्नी आईवीएफ तकनीक से वर्षों बाद माता-पिता बने थे। बच्चे का जन्म सात माह (28 हफ्तों) में ही हो गया था। जन्म लेते ही उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और उसके फेफड़े ठीक से काम नहीं कर पा रहे थे। उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। एंजियोग्राफी करने पर पता चला कि उसके हृदय से निकलने वाली दो मुख्य धमनियां आपस में जुड़ी हुई हैं।

    आंख-त्वचा का विकास नहीं आईसीयू में की सर्जरी

    नवजात की आंखों, फेफड़ों और त्वचा का विकास बराबर नहीं हो पाया था। वह इतना नाजुक था कि उसे हिलाना-डुलाना भी मुश्किल था, डॉक्टरों ने जोखिम लिया और वे सफल रहे। सर्जरी के लिए विशेष छोटे उपकरण का सहारा लिया। यही नहीं, उसे किसी विशेषज्ञ स्थल पर भी नहीं ले जाया जा सकता था। ऐसे में सर्जरी आईसीयू में ही की गई।

    बंद नहीं हुई थीं धमनियां

    गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के डॉ. सुनील जांगिड़ के मुताबिक, नवजात पैटन्ट डक्टस आर्टेरियोसस बीमारी से पीड़ित था। इसमें हृदय की दो मुख्य रक्त धमनियां एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं। जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तब तक ये धमनियां आपस में जुड़ी रहती हैं जिससे बच्चा जीवित रह सके, परंतु जन्म के बाद ये धमनियां प्राकृतिक रूप से बंद हो जाती हैं। यदि किसी बच्चे की धमनियां प्राकृतिक रूप से बंद नहीं हो पाती हैं तो उसका उपचार दवाई द्वारा भी संभव है। परंतु इस मामले में दवा से भी उपचार नहीं हो पा रहा था।

    नवजात के फेफड़ों एवं हृदय में सूजन आ गई थी और फेफड़ों में आवश्यकता से अधिक रक्त प्रवाह हो रहा था जिससे वह सांस नहीं ले पा रहा था। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। धमनियों के जुड़े होने से हृदय पर अधिक दबाव पड़ रहा था, जिससे नवजात की कभी भी मृत्यु हो सकती थी।

    आधा घंटा चली सर्जरी

    तमाम जांचों के बाद डॉक्टरों ने इसका ऑपरेशन करना तय किया। ऑपरेशन में आधे घंटे का समय लगा। सर्जरी में कोटरी मशीन से ऊतकों को खोला गया, ताकि रक्तस्त्राव न हो। धमनियों को क्लिप व सर्जिकल टांकों से बंद किया गया। इससे रक्त प्रवाह कम एवं सामान्य हो पाया।

    क्या है यह स्थिति

    पैटन्ट डक्टस आर्टेरियोसस हृदय की एक समस्या है, जो जन्म के कुछ समय बाद ही नवजातों में दिखाई देती है। अमेरिका में 1000 में से आठ प्रीमैच्योर बेबी इससे पीड़ित होते हैं, जबकि समय से पैदा होने वाले 1000 में से महज दो नवजात में ऐसी समस्या सामने आती है।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें