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    Sunday, September 24, 2017

    लंका

    क्या आप जानते हैं रावण के दस सिर क्यों थे? यह पढ़ें दशानन की असली कहानी

    Thu, 14 Sep 2017 07:03 AM (IST)

    हम यहां रावण से जुड़ी ऐसी ही कुछ रोचक बातों का जिक्र करेंगे।

    माता की मूर्ति और स्थायी झांकी को आकार देने में जुटे कलाकार

    Tue, 12 Sep 2017 03:59 AM (IST)

    खंडवा। नईदुनिया प्रतिनिधि नवरात्रि उत्सव को नौ दिन शेष हैं। नवरात्रि उत्सव समितियां पंडाल और स्थायी झांकी बनाने में जुट गई हैं। इस बार जेपीबी क्लब द्वारा माता चौक पर बनाई जा रही स्थायी झांकियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। लंका दहन, गोवर्धन पर्वत की झांकी बनाई जा रही है। विशेष रूप से इस बार माता के स्वरूप में बदलाव किया गया है।

    रावण की मौत के बाद मंदोदरी का क्या हुआ, यहां जानें

    Tue, 22 Aug 2017 11:51 AM (IST)

    लंकापति रावण की मृत्यु के बाद श्री राम ने विभीषण को राजपाट सौंप दिया था।

    यह है रावण के पिछले जन्म की कहानी, पढ़कर चौंक जाएंगे आप

    Wed, 09 Aug 2017 04:37 PM (IST)

    पूर्व जन्म में वह एक आदर्श राजा था, लेकिन फिर ऐसा कुछ हुआ कि ब्राह्मणों के श्राप से इस जन्म में राक्षस के रूप में

    नाश करने वाले का पहले विनाशः मुनि भूतबलि

    Mon, 19 Jun 2017 09:14 AM (IST)

    आष्टा। लंकापति रावण ने अहंकार में आकर श्री राम को चुनौती दी, वहीं श्री राम ने लंका पहुंचने के बाद सीता को वापस लौटाने को कहा। महिलाओं के शील, संयम में इतनी अधिक ताकत है कि मात्र तिनके से महाज्ञानी रावण का शस्त्र काम नहीं कर सका। उक्त बातें श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर किला पर आशीष वचन के दौरान मुनिश्री भूतबलि सागरजी ने कहीं। आपने कहा

    रामलीला में रामसुग्रीव मित्रता और लंका दहन की लीला का मनमोहक मंचन किया

    Fri, 05 May 2017 04:05 AM (IST)

    रहटगांव। नवदुनिया न्यूज नगर में नवकुडांत्मक गणपति पंचायतन महायज्ञ स्थल पर रात्रि में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें रामलीला मंडल झाडबीड़ा द्वारा बुधवार रात्रि में राम सुग्रीव मित्रता, बाली वध, लंका दहन की लीला का मनमोहक मंचन किया गया। वहीं वनवास के दौरान जटायु को मोक्ष देते हुए भगवान किष्किन्दा धाम पहुंचे। वहां पर भगवान की मुलाकात भक्त

    श्रीराम के जन्म पर आल्हादित हुआ अवध, देवता भी हुए हर्षित

    Fri, 14 Apr 2017 08:35 AM (IST)

    भोपाल। नवदुनिया प्रतिनिधि लंका नरेश दशासन के अत्याचार से चहुंओर त्राहि-त्राहि मची हुई थी। ऐसे में अत्याचार का नाश करने अयोध्या में राजा दशरथ के घर प्रभु राम का जन्म हुआ। श्री राम के जन्म से जहां अयोध्या आल्हादित हो गई, वहीं देवताओं ने भी हर्ष मनाया।

    हनुमानजी को इन्होंने बताया था लंका का रास्ता

    Sun, 09 Apr 2017 10:35 PM (IST)

    उन्होंने ऋषि से मिलकर सीता के अपहरण के बारे में बताया।

    हनुमान जी ने लंका से फेंका था यह शनि पिंड, यहां किया गया स्थापित

    Sun, 09 Apr 2017 08:27 AM (IST)

    लंका दहन के पश्चात शनिदेव को हनुमान जी ने मुक्त कराया था। इसके बाद शनिदेव इसी स्थान पर पहुंचे और तब से यहीं विराजमान हैं।

    निस्वार्थ किया गया कार्य व भक्ति में अंतर नहीं है

    Sun, 09 Apr 2017 04:00 AM (IST)

    फोटो 2 आष्टा। श्रीराम कथा को सुनते हुए श्रद्घालु। रमगड़ा। शिव शक्ति रुद्र यज्ञ आनंद नगर निपानिया में आयोजित श्रीराम कथा में रामचरित मानस के अध्यांतवक्ता पंडित ब्रजभूषण व्यास ने कहा कि हनुमान जी के दोनों ही कार्य थे निस्वार्थ रूप से प्रभु श्रीराम के कार्य का संचालन करना। जब पवनसुत हनुमान लंका जलाकर माता सीता की लंका में होने की सूचना लेकर प्रभु श्रीरा

    मिलती जुलती तस्वीरें

    • हनुमान गए थे लंका जलाने, गफलत में रावण की धोती जली, हुआ खाक

    • रावण की मौत के बाद मंदोदरी का क्या हुआ, यहां जानें

    • दिलचस्प: लंका में एक बार फिर होगा रावण वध

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