Naidunia
    Friday, September 30, 2016

    रिजेक्‍शन हुआ तो क्‍या हुआ! दुनिया यहीं खत्‍म नहीं होती

    भारत ही नहीं बल्कि विश्‍व के प्रभावशाली खिलाडि़यों में होती है। और पढ़ें »

    प्रसन्नता से करें पितरों को विदा

    योग्य ब्राह्मण को इस दिन अपनी सामर्थ्य अनुसार दान करें। और पढ़ें »

    धरती रूपी समुंदर में मछली की तरह बनो

    मेरा देश तुम्हारे देश से अच्छा है या मेरा धर्म तुम्हारे धर्म से अच्छा है। और पढ़ें »

    किचन कैबिनेट्स के ऊपर न रखें खाली स्थान

    दरवाजे के साथ आड़ी दिशा में लेटना सबसे उपयुक्त माना जाता है। और पढ़ें »

    ये थी बेंजामिन फ्रैंकलिन की सोच, तभी बने वो महान

    हम बड़े तो जल्दी हो जाते हैं, लेकिन समझदार देर से होते हैं। और पढ़ें

    गुस्से को काबू करने का अचूक उपाय

    लड़के ने अपने पिता की आज्ञा का पालन करते हुए ठीक वैसे ही किया। और पढ़ें

    तो क्या ये था श्रीकृष्ण की सफलता का रहस्य

    बार-बार असफलता मिले तो खुद की योजना पर विचार करना जरूरी है। और पढ़ें

    बेपनाह खूबसूरत थीं दमयंती, लेकिन नल को थी ये लत

    देवताओं को नल-दमयंती के प्रेम प्रसंग के बारे में पता था। और पढ़ें

    यदि पितृ रूठ जाएं तो ऐसे मनाएं

    क्योंकि पंचतत्वों यानी अग्नि, जल, वायु, आकाश और धरती से बना यह शरीर एक न एक दिन इनमें ही मिल जाना है। और पढ़ें »