Naidunia
    Saturday, February 25, 2017

    सत्संग

    शिव से सीखें, कलयुग में कैसे हो सकते हैं सफल

    शिव का डमरू कहता है कि अपने शरीर को डमरू की ध्वनि की तरह मुक्त कर दो। और पढ़ें »

    व्रत-त्योहार

    भस्मारती में महसूस होती है दसाें दिशाओं की ऊर्जा

    दरअसल भगवान महाकाल के दर्शनों और भस्मारती का अपना विशिष्ट महत्‍व है। और पढ़ें »

    अंतरयात्रा

    धूल के सूक्ष्म कण हैं हम, जो भटक रहे हैं मोक्ष के लिए

    किसी व्यक्ति से अभिभूत होते हैं, तो आप स्वाभाविक रूप से भक्त हो जाते हैं। और पढ़ें »

    वास्तु

    परीक्षाओं में तैयारी के लिए बड़े काम के हैं ये 3 वास्तु टिप्स

    जब एकाग्रता बनी रहेगी तो याद भी जल्दी और ज्यादा समय तक रहेगा। और पढ़ें »

    प्रेरक प्रसंग

    मरने के बाद धन नहीं, बल्कि याद किया जाता है यह

    लेकिन तुम्हारी दौलत पाने की इच्छा कभी खत्म नहीं होगी। और पढ़ें

    हंसी हर जगह मौजूद है बस हंसने के बहाने ढूंढिए

    इस तरह उन्होंने प्रश्नवाचक दृष्टि में महर्षि की तरफ देखा। और पढ़ें

    कहते हैं

    यदि रावण न करता ये गलती तो श्रीलंका में होता यह शिवलिंग

    यहां अर्ध सिंह और अर्ध मनुष्य की देह धारण किए नृसिंह की 6.7 मीटर ऊंची मूर्ति है। और पढ़ें

    नेपाल का यह राजा मानता था स्वयं को विष्णु जी का अवतार

    इस सम्प्रदाय की पांचरात्र संज्ञा के सम्बन्ध में अनेक मत व्यक्त किये गये हैं। और पढ़ें

    विधि / उपाय

    ऋषि मुनियों से सीखें, कैसे की जाती है समय की बचत

    वह अपने हर कार्य को मिल बांट कर करते थे। ऐसे में कार्य तो समय पर पूरा होता ही था। और पढ़ें »