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    भाग्य का खोलना है पिटारा तो कीजिए शादी

    Published: Wed, 15 Feb 2017 10:53 AM (IST) | Updated: Thu, 16 Feb 2017 11:48 AM (IST)
    By: Editorial Team
    indian-wedding 15 02 2017

    ऐसा कहते हैं जब किसी का विवाह हो जाता है, तो उसकी एक नई जिंदगी शुरू होती है। इस नई जिंदगी को वह दंपत्ति कैसे जीता है। यह तो पूरी तरह से उन पर ही निर्भर करता है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि शादी के बाद ऐसे लोगों का भाग्य स्वयं जागृत हो जाता है।

    ऐसा तभी होगा जब विवाह सुयोग्य, संस्कारी, सुंदर और सकारात्मक नजरिया रखने वाली लकड़ी के साथ होता है। गरुड़ पुराण में कन्याओं के कुछ गुणों के बारे में बताया गया है।

    यदि ऐसी कन्या के साथ विवाह हुआ है, तो भाग्य स्वयं जागृत हो जाता है।

    - गृह कार्य में दक्ष पत्नी, अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाती है। वह अतिथियों का सम्मान के साथ ही घर पर आने वाली दुविधाओं को बेहतर तरीके से सुलझाती है।

    - यदि पत्नी संयमित और मधुर वाणी बोलती है, तो आपका भाग्य जागृत करने से कोई नहीं रोक सकता है। ऐसी स्त्री रिश्तेदारों और परिवार में अपनी वाणी से लोगों के सम्मान पाती हैं।

    - पूरी तरह से पति को समर्पित पत्नी मिलना सौभाग्य की बात होती है। ऐसी स्त्री धर्मपरायण तो होती है। यदि आपका ऐसी स्त्री से विवाह हुआ तो आपका भाग्य तो साक्षात् जागृत है।

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