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    भगवान शिव नहीं, यहां होता है संत का अभिषेक

    Published: Wed, 03 May 2017 10:22 AM (IST) | Updated: Wed, 03 May 2017 04:05 PM (IST)
    By: Editorial Team
    santpooja 03 05 2017

    मध्यप्रदेश का जिला भिण्ड प्राचीन मंदिरों में की गई कलात्‍मक सौन्दर्य और वास्‍तु सुंदरता के लिए जाना जाता है। लेकिन यहां मौजूद संत केशवानंद का मंदिर चर्चा का विषय बना रहता है।

    महाशिवरात्रि पर जब भक्त कांवड़ यात्री पवित्र नदियों का जल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं तो वहीं कुछ भक्त ऐसे भी होते हैं जो कांवड़ के जल से संत की मूर्ति का अभिषेक करते हैं।

    यह मंदिर भिंड जिले के पाबई थाना के अंतर्गत रजपुरा गांव मे है। दशकों से यहां संत की मूर्ति पर कांवड़ से लाया हुआ जल अर्पित किया जाता है।

    कहते हैं बहुत समय पहले रजपुरा गांव के रहने वाले सन्यासी केशवानन्द ने बचपन में ही सन्यास धारण कर लिया था। लेकिन उन्होंने 1987 में गांव में ही अपना मंदिर बनाने की इच्छा जाहिर की।

    संत की इस अभिलाषा को उनके अनुयायियों ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। तब मंदिर में ही संत केशवानंद का ही गंगा जल से अभिषेक किया गया। और ठीक एक साल बाद जब संत ने शरीर त्याग दिया तो ग्राणीण लोगों ने उनकी प्रतिमा इस मंदिर में स्थापित कर दी।

    तभी से हर वर्ष उनके अनुयायी महाशिवरात्रि पर पवित्र नदियों का जल कांवड़ में लाते हैं और संत की मूर्ति का अभिषेक करते हैं।

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