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    तुला राशि में सैकड़ों साल बाद हो रही यह ऐतिहासिक घटना

    Published: Wed, 05 Mar 2014 03:59 PM (IST) | Updated: Sat, 08 Mar 2014 09:23 AM (IST)
    By: Editorial Team
    librabalance 05 03 2014

    आने वाले महीने उथल-पुथल भरे रहेंगे यह स्थिति तुला राशि में आए शनि, मंगल और राहु ग्रहों की टेढ़ी चाल के चलते बन रही है।

    ज्योतिष गणना व अनुसंधान के आधार पर तुला राशि में 1 मार्च की रात मंगल ग्रह वक्री हुआ था, इसके बाद 2 मार्च की रात शनि भी तुला राशि में पहुंचकर वक्री (टेढ़ी) चाल चलने लगा है। इन दोनों ग्रहाें की टेढ़ी चाल के साथ राहु भी कदम से कदम मिलाएगा, क्योंकि राहु पहले से ही इसी तरह की चाल चल रहा है।

    इस तरह एक राशि (तुला) में तीनों क्रूर ग्रह वक्री होने से राजनीतिक व आर्थिक क्षेत्रों में अप्रत्याशित घटनाएं देखने को मिलेंगी। मंगल की टेढ़ी चाल से प्राकृतिक आपदा भी आ सकती है। क्रूर ग्रहों की टेढ़ी चाल का प्रभाव आगामी जुलाई तक रहेगा। सामान्यतः मंगल को एक राशि पार करने में 50 दिन का समय लगता है, लेकिन यह 6 माह तक एक ही राशि में स्थिर बना रहेगा।

    ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के संचालक पंडित विनोद गौतम ने बताया कि 20 मई को मंगल अपनी सामान्य दशा में आएगा, जबकि शनि 21 जुलाई तक वक्री चलेगा। तुला राशि में तीन क्रूर ग्रहों का वक्री होना सैकड़ों साल बाद ऐतिहासिक घटना है।

    जिस प्रकार यह ऐतिहासिक योग बना है, इसी प्रकार इसके परिणाम भी बड़े हाे सकते हैं।

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    • test06 Mar 2014, 09:00:56 PM

      (तुला राशि) में तीनों शनि राशि)मंगल राशि) क्रूर ग्रह वक्री होने आर्थिक क्षेत्रों में अप्रत्याशित घटनाएं देखने को मिलेंगी। मंगल की टेढ़ी चाल से प्राकृतिक आपदा भी आ सकती है। क्रूर ग्रहों की टेढ़ी चाल का प्रभाव आगामी जुलाई तक रहेगा। सामान्यतः मंगल को एक राशि पार करने में ५० दिन का समय लगता है, लेकिन यह ६ माह तक एक ही राशि में स्थिर बना रहेगा। इस से बच्ने के रस् ते दिखये

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