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    इस पूर्व खिलाड़ी के सब्र का बांध टूटा, BCCI से मांगा करोड़ों का बकाया

    Published: Tue, 08 Aug 2017 09:59 AM (IST) | Updated: Wed, 09 Aug 2017 04:40 PM (IST)
    By: Editorial Team
    azhar 08 08 2017

    मुंबई। पूर्व कप्तान मो. अजहरुद्दीन मझधार में हैं। दरअसल, मैच फिक्सिंग के आरोप लगने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अजहर पर प्रतिबंध लगाया था। इसके खिलाफ क्रिकेटर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर सुनवाई करते हुए आंध्रप्रदेश हाई कोर्ट पांच साल पहले ही बीसीसीआई के फैसले को गलत बता चुका है।

    कोर्ट का स्पष्ट फैसला होने के बाद भी बीसीसीआई ने अब तक अजहर पर से आधिकारिकतौर पर बैन नहीं हटाया है। ना ही इस फैसले को चुनौती दी है।

    बहरहाल, ताजा खबर यह है कि अजहर ने अब इस मुद्दे पर बीसीसीआई को चिट्ठी लिखी है। साथ ही अपनी बकाया राशि की मांग भी की है। अजहर ने बीसीसीआई अध्यक्ष सीके खन्ना, सचिन अमित चौधरी के साथ ही कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) को कॉपी भेजी है।

    इसमें अजहर ने लिखा है कि पूर्व क्रिकेटरों को मिलने वाली उनकी राशि का हिसाब किया जाए। मालूम हो, बीसीसीआई पूर्व कप्तानों को वन-टाइम बेनिफिट देता है। साथ ही अजहर ने मुआवजे की मांग भी की है, क्योंकि कोर्ट ने 2012 में ही उन पर लगाए गए बैन को गलत करार दे दिया था।

    बीसीसीआई की ढिलाई यूं बन रही अड़चन

    मामले में बीसीसीआई का सुस्त रवैया अजहर के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। इसी कारण अजहर इस साल हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन का चुनाव नहीं लड़ सके थे। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें कहा था कि बीसीसीआई ने आपको आधिकारिकतौर पर क्लीनचिट नहीं दी है।

    500वें टेस्ट पर तो किया था सम्मानित

    बीसीसीआई भले ही अजहर पर कोई फैसला नहीं ले रहा हो, लेकिन टीम इंडिया के 500वें टेस्ट मैच के मौके पर पूर्व कप्तानों को आमंत्रित किया गया था, इनमें अजहर भी शामिल थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ कानपुर में खेले गए इस टेस्ट में सचिन तेंडुलकर के साथ ही कपिल देव, सुनील गावस्कर, एमएस धोनी और रवि शास्त्री का सम्मान किया गया था।

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