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    रणतुंगा के फिक्सिंग के आरोपों पर गंभीर और नेहरा का पलटवार

    Published: Sat, 15 Jul 2017 04:49 PM (IST) | Updated: Sun, 16 Jul 2017 11:43 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    नई दिल्ली। पूर्व श्रीलंकाई कप्तान अर्जुन रणतुंगा के 2011 का आईसीसी वर्ल्ड कप फाइनल फिक्स होने के आरोपों ने क्रिकेट जगत में भूचाल ला दिया है। उस वक्त की विश्व कप विजेता टीम इंडिया के दो सदस्य गौतम गंभीर और आशीष नेहरा इस आरोप पर भड़क गए और उन्होंने रणतुंगा से सबूत पेश करने को कहा है।

    अर्जुन रणातुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप फाइनल को फिक्स बताते हुए इसकी जांच की मांग की है। रणतुंगा इस समय श्रीलंका सरकार में जिम्मेदार पद पर हैं और पेट्रोलियम मंत्री की भूमिका में हैं।

    भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जिताने वाले खिलाड़ियों ने इन आरोपों को अपमानजनक बताया है। भारत ने 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका को छह विकेट से हराकर दूसरी बार इस खिताब को अपने नाम किया था।

    रणतुंगा ने हाल ही में अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा है, 'जब हम हारे तो मैं उस समय भारत में ही कॉमेंट्री कर रहा था। मुझे कुछ शक हुआ। हमें इस बात की जांच जरूर करवानी चाहिए कि आखिर वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में श्रीलंका की टीम को क्या हो गया था। मैं अभी कुछ खुलासा नहीं कर सकता, लेकिन एक दिन जरूर करूंगा। इसकी जांच जरूर होनी चाहिए।'

    रणतुंगा की इस मांग से कुछ भारतीय खिलाड़ी बिल्कुल अलग राय रखते हैं। इन भारतीय खिलाड़ियों का मानना है कि यह उनके प्रयास को कम करने वाली बात है। गौतम गंभीर ने कहा, 'मैं रणतुंगा के आरोपों से काफी हैरान हूं। यह बात उस खिलाड़ी ने कही है जिसका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में काफी सम्मान है। मुझे लगता है कि पूरे मसले को साफ करने के लिए उन्हें अपने आरोप को साबित करने के लिए कुछ सबूत भी पेश करने चाहिए। 2011 के फाइनल मैच में गंभीर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उन्होंने इस मुकाबले में 97 रनों की पारी खेली थी।

    2011 विश्व कप विजेता टीम के अहम खिलाड़ी रहे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने कहा कि इस तरह के बयानों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं रणतुंगा के इस बयान पर कोई टिप्पणी कर बात को आगे नहीं बढ़ाना चाहता। इस तरह की बातों का कोई अंत नहीं है। अगर मैं श्रीलंका के 1996 विश्व कप जीत पर सवाल उठाऊं तो क्या यह अच्छा लगेगा? तो, इस बात में नहीं पड़ना चाहिए। लेकिन, जब उनके कद का कोई व्यक्ति ऐसी बात करता है तो निराशा होती है।'

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