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    अब पहलवानों को नहीं मिलेगा चार मिनट से ज्यादा मेडिकल टाइम

    Published: Fri, 21 Apr 2017 08:09 AM (IST) | Updated: Fri, 21 Apr 2017 10:37 AM (IST)
    By: Editorial Team
    indian wrestling mat 2017421 10371 21 04 2017

    ओपी वशिष्ठ, रोहतक। अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में अब पहलवानों को चोटिल होने पर चार मिनट से ज्यादा मेडिकल टाइम नहीं मिलेगा। अगर पहलवान ने चार मिनट से ज्यादा का समय लिया तो मुकाबला खत्म करने की घोषणा कर दी जाएगी और उसे हार का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं अब ग्रीको रोमन की तर्ज पर फ्रीस्टाइल में भी पहलवान एक साथ पांच अंक ले सकेंगे। इसके अलावा भी कई नियमों में भी बदलाव किया गया है।

    नई दिल्ली में अगले माह होने वाली सीनियर एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में नए नियमों को लागू किया जाएगा। ऐसे में पहलवानों को खुद को नए नियमों के अनुसार तैयार करना पड़ेगा। बता दें कि हाल ही में कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग द्वारा आयोजित रेफरी क्लीनिक का आयोजन किया गया था, जिसमें बदलाव की जानकारी दी गई है। इस क्लीनिक में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर एवं अंतरराष्ट्रीय रेफरी डॉ. राजेंद्र प्रसाद गर्ग ने भी हिस्सा लिया।

    जो बदलाव हुए

    1. ग्रीको रोमन की तर्ज पर फ्रीस्टाइल कुश्ती में भी पांच अंक दिए जाएंगे। यदि कोई पहलवान डेंजर में नहीं जाता तो उसको चार अंक दिए जाएंगे।

    2. फ्रीस्टाइल कुश्ती में पेसिव कुश्ती में पहले मौखिक चेतावनी, फिर पेसिविटी के साथ 30 सेकेंड का एक्टीविटी टाइम शुरू हो जाएगा और 30 सेकेंड खत्म होने पर भी रेफरी एक अंक देगा और कुश्ती रोकी नहीं जाएगी।

    3. अब फालिग ऑफ दी मैट, फालिग ऑफ दी होल्ड और जानबूझ कर किए गए इलिगल होल्ड पर कॉशन के साथ दो अंक दिए जाएंगे। तीसरा कॉशन मिलने पर कुश्ती खत्म मानी जाएगी। ढाई मिनट और साढ़े पांच मिनट के बाद कॉशन और दो अंक दिए जाएंगे।

    4. इंजरी टाइम प्रत्येक राउंड में चार मिनट से ज्यादा नहीं दिया जाएगा। पहले इसके लिए कोई समय सीमा नहीं थी। यदि किसी राउंड में चार मिनट से ज्यादा मेडिकल टाइम लगता है तो कुश्ती खत्म मानी जाएगी।

    5. कोच बटन दबाकर चैलेंज कर सकेगा। कॉशन दिए जाने पर भी कोच बटन दबाकर चैलेंज कर सकेगा।

    6. चैलेंज होने पर मैट चेयरमैन वीडियो देखकर निर्णय ले सकेगा। यदि उनकी बात कोच को ठीक नहीं लगती है तो ज्यूरी उसका फैसला देगा।

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