'एंग्री बर्ड' से रहें सावधान, हो सकती है आपकी जासूसी

    Updated: Wed, 05 Feb 2014 07:30 PM (IST) | Published: Fri, 31 Jan 2014 12:29 PM (IST)
    By: Editorial Team

    नई दिल्ली। गूगल मैप, एंग्री बर्ड या अन्य मोबाइल एप्लीकेशंस का इस्तेमाल करने वाले जरा सावधान हो जाएं। कोई आपके व्यक्तिगत सूचनाओं को चुराने की कोशिश कर रहा है।

    एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ब्रिटेन जासूसी एजेंसियां नियमित रूप से एंग्री बर्ड और अन्य मोबाइल एप्लिकेशनों के माध्यम से लोगों की व्यक्तिगत जानकारियां प्राप्त करने की कोशिश कर रही हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के एक दस्तावेज से पता चला है कि मोबाइल एप्लीकेशन से उपभोक्ताओं के ठिकाने, उनके द्वारा देखी गई वेबसाइट्स और उनके संपर्क से जुड़े आकड़ों सहित अन्य जानकारियां पाने की कोशिश की जा रही है।

    एडवर्ड स्नोडेन के द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से हुआ यह सबसे ताजा रहस्य का पता चला है। एनएसए ने एक बयान में कहा है कि 'वैध विदेशी खुफिया टार्गेट' के आंकड़ों के अलावा अन्य किसी भी आंकड़ें में एजेंसी की कोई दिलचस्पी नहीं है। इस बयान में कहा गया है, 'ऐसा कोई अंदेशा जताना कि विदेशी खुफिया आंकड़ों को जुटाने का एनएसए का कार्यक्रम आम अमेरिकी नागिरकों के स्मार्टफोन या सोशल मीडिया पर केंद्रित है, सही नहीं है।'

    एक विदेशी अंग्रेजी अखबार द्वारा प्रकाशित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएसए और ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी जीसीएचक्यु साल 2007 से ही मोबाइल फोन और टैबलेट एप्लीकेशन के माध्यम से जानकारी एकत्र करने के तरीके विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

    लेकिन रिपोर्ट कहते हैं कि आंकड़ें मैपिंग, गेमिंग और सोशल नेटवर्किग एप्लीकेशन के माध्यम से उस तरह की तकनीक का उपयोग करके प्राप्त किया गया है जिस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कर के मोबाइल इंटरनेट ट्रैफिक और टेक्सट मैसेज को रोका जाता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कितने आंकड़े एकत्रित किए गए। आपको बता दें कि दुनिया भर में एंग्री बर्ड को 1.7 अरब बार डाउनलोड किया गया है।

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