Naidunia
    Friday, March 31, 2017

    नकली गौरैया की आवाज सुन आ जाती है असली

    Sat, 16 Apr 2016 04:00 AM (IST)

    मिट्टी की चिड़िया बनाकर एक छोटा सा छेद सिर की तरफ और सीटी बजाने के लिए दो छेद पूंछ की ओर किए जाते हैं।

    'यादों के झरोखों में न रह जाए गौरैया'

    Thu, 07 Apr 2016 09:13 AM (IST)

    नईदुनिया के अभियान 'लौट आओ गौरैया' को बेहतरीन प्रतिसाद मिल रहा है।

    'ओ री गौरैया, नन्ही सी चिड़िया, अंगना में फिर आ जा रे...'

    Wed, 13 Apr 2016 08:59 AM (IST)

    कभी वह घर के आंगन में आती थी, चहकती थी, दाना चुगती थी। अब वह जाने कहां चली गई?

    'जाने कहां ओझल हो गई हो'

    Mon, 11 Apr 2016 12:11 PM (IST)

    यदि अब भी गौरैया को संरक्षण नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में ये पक्षी केवल यादों में ही कैद हो जाएगा।

    सिमट कर न रह जाए ये अमूल्य उपहार 'गौरैया'

    Fri, 08 Apr 2016 09:23 AM (IST)

    नन्ही गौरैया को संरक्षित करने लिए नईदुनिया ने जो पहल की है, उसमें अब बच्चों से लेकर बड़े तक जुड़ते जा रहे हैं।

    नईदुनिया की गौरैया बचाने की मुहिम को जोरदार प्रतिसाद

    Sat, 02 Apr 2016 09:59 AM (IST)

    इसका प्रमाण है गौरैया के संरक्षण में उठे हजारों हाथ।

    लौट आओ गौरैया : उसकी चहचहाहट का इंतजार हर दिन रहता है

    Tue, 29 Mar 2016 09:46 AM (IST)

    धीरे-धीरे मेरा आंगन चिड़िया की चहचहाहट से गूंजने लगा। अब अनोखे मेहमान का इंतजार हर दिन रहता है।

    एटीआर में गौरैया की खोज, दिखते ही कैमरे में कैद होगी तस्वीर

    Mon, 11 Apr 2016 04:00 AM (IST)

    बिलासपुर(निप्र)। गौरैया के संरक्षण को लेकर अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन आगे आया है। सबसे पहले अमला यह खोज करेगा कि टाइगर रिजर्व के किस क्षेत्र में गौरैया चहकती है। उसके नजर आते ही तस्वीर ली जाएगी। इसके साथ-साथ ग्रामीणों की मदद से संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। एक समय नन्हीं गौरैया घर व आंगन को चहकाती थी। करीब 10 सालों से यह प

    'जंगल को संवारने में माली की भूमिका निभाते हैं पक्षी'

    Tue, 12 Apr 2016 10:10 AM (IST)

    भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है, देश की राजधानी दिल्ली का राज्यपक्षी गौरैया है और मध्यप्रदेश का राज्यपक्षी दूधराज है।

    'गौरैया के मीठे स्वरों को वापस हमें लाना है'

    Mon, 18 Apr 2016 10:33 AM (IST)

    इस कड़ी में लोग जुड़ते जा रहे हैं और अपनी रचनाओं के जरिए जागरूक कर रहे हैं।

    मिलती जुलती तस्वीरें