Naidunia
    Thursday, October 19, 2017

    नईदुनिया गुरुकुल

    सकारात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नईदुनिया ने स्कूली छात्रों के लिए प्रेरक कहानियों की श्रृंखला 'गुरुकुल' शुरू की है।

    विविधता का सम्मान-2 (कक्षा 6-8 के लिए) : मिल गई सीख

    Wed, 18 Oct 2017 11:16 AM (IST)

    वे सभी चेहरे के रंग-रूप और आकार-प्रकार के आधार पर लोगों का अक्सर मजाक उड़ाया करती हैं।

    विविधता का सम्मान-1 (कक्षा 3-5 के लिए) : मिट गए भेद

    Tue, 17 Oct 2017 10:27 AM (IST)

    पढ़ाई- लिखाई के साथ- साथ वह वाद-विवाद और क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन करता। अपने स्कूल का तो वह हीरो था।

    बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं, जैसा आकार देंगे, वे वैसा बन जाएंगे

    Fri, 13 Oct 2017 10:38 AM (IST)

    बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते हैं। उन्हें जैसा आकार दो वे वैसा ढल जाते हैं।

    बच्चों में न हो गरीबी-अमीरी का भेद, संस्कार से सुधरेगा व्यवहार

    Fri, 13 Oct 2017 03:47 AM (IST)

    सब हेडिंग- नईदुनिया गुरुकुल शिक्षा से संपूर्णता में मैटेरियलिस्टिक अप्रोच की कहानियां दे गईं संदेश फोटो- सात लगानी है रिपोर्टर फोल्डर में रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि गरीब-अमीर के बीच ऊंच-नीच का भेदभाव समाप्त करने की दिशा बताती नईदुनिया गुरुकुल शिक्षा से संपूर्णता की कहानियां लोगों को बेहद पसंद आईं। खासकर स्कूली बच्चों, शिक्षक और प्राचायो

    मैटेरियलिस्टिक अप्रोच- 3 (कक्षा 9-12 के लिए) : व्यवहार से बनती है पहचान

    Thu, 12 Oct 2017 11:34 AM (IST)

    स्कूल से आते ही कमल ने बैग को दीवार पर दे मारा।

    मैटेरियलिस्टिक अप्रोच-2 (कक्षा 6-8 के लिए ) : घमंड हो गया चूर

    Wed, 11 Oct 2017 03:39 PM (IST)

    कभी-कभी वह सोचता कि जब सभी एक साथ एक ही क्लास में पढ़ते हैं, तो उनके ग्रुप के लड़कों के साथ अलग व्यवहार क्यों किया

    मैटेरियलिस्टिक अप्रोच-1 (कक्षा 3-5 के लिए) : बन गया मददगार

    Tue, 10 Oct 2017 12:28 PM (IST)

    'उसने अपना दूसरा जूता भी उस लड़के को क्यों दे दिया पापा? वह तो बहुत महंगा लग रहा था'

    घर की पाठशाला बंद हो गई, लोग स्वाध्याय ही भूल गए हैं

    Fri, 06 Oct 2017 11:42 AM (IST)

    हर प्राणी की अपनी भाषा होती है। इसी के माध्यम से वह अपनी बात दूसरे लोगों तक पहुंचाता है। रोना भी एक भाषा है।

    परस्पर लैंगिक सम्मान : कथनी और करनी में अंतर खत्म करना होगा

    Fri, 15 Sep 2017 01:07 PM (IST)

    सामाजिक विकास का मूल स्रोत मानी जाने वाली नारी को पुरातनकाल से पुरुषों के मुकाबले कमजोर माना जाता रहा है।

    बच्चों को अध्यात्म से जोड़ें, उन्हें संस्कृति के बारे में बताएं

    Sat, 30 Sep 2017 10:32 AM (IST)

    वर्तमान में बच्चों के व्यवहार में कुछ बड़े परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। वे अपनी संस्कृति से दूर हो रहे हैं।

    मिलती जुलती तस्वीरें